युवती से मोबाइल छीनकर भाग रहे स्कूटी सवार बदमाशों को पुलिस ने दबोचा

 

बदमाशों की पहचान करोल बाग निवासी गौरव व मिहिर के रूप में हुई है।

गुलाबी बाग इलाके में एक युवती से मोबाइल छीन कर भाग रहे स्कूटी सवार बदमाशों का दो पुलिस कर्मियों ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस ने बदमाशों के पास से झपटा हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।

नई दिल्ली ,surender aggarwal । गुलाबी बाग इलाके में एक युवती से मोबाइल छीन कर भाग रहे स्कूटी सवार बदमाशों का दो पुलिस कर्मियों ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस ने बदमाशों के पास से झपटा हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। बदमाशों की पहचान करोल बाग निवासी गौरव व मिहिर के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सोमवार को एक युवती से स्कूटी सवार दो बदमाश मोबाइल छीन भाग रहे थे। युवती की आवाज सुनकर गश्त कर रहे सिपाही नवीन व संजीव ने अपनी बाइक से दोनों बदमाशों को पीछा किया। करीब एक किलोमीटर तक पीछा करने के बाद दोनों पुलिस कर्मियों ने बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों के पास से युवती से झपटा हुआ मोबाइल फाेन बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने शनिवार को कुख्यात ड्रग्स तस्कर शेखर को उसके साथी समेत त्रिलोकपुरी से गिरफ्तार किया है।पुलिस ने इनके पास से 18 लाख रुपये की तीन सौ ग्राम स्मैक बरामद की है। शेखर की मां किरण उर्फ किन्नो भी कुख्यात ड्रग्स तस्कर है। शेखर तस्करी का गिरोह चलाता है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश व पंजाब सहित अन्य राज्यों में ड्रग्स बेचता है।

जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि नशीले पदार्थ की बिक्री करने वालों के खिलाफ जिला पुलिस ने सुदर्शन नाम से एक अभियान चलाया हुआ है। इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी के नेतृत्व में टीम ने त्रिलोकपुरी निवासी शेखर व बरेली के बिहारीपुर गांव निवासी उमेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शेखर ने बताया कि वह कई वर्ष से इस धंधे में है, वह अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ा रहा है। पुलिस पता करने का प्रयास कर रही है कि वह बरेली में कहां से ड्रग्स खरीदता था। आखिरी बार 2014 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शेखर को ड्रग्स की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया था।

एक महीने इंतजार के बाद मिली कामयाबी

पुलिस टीम को पता चला कि नशीले पदार्थों की बिक्री में किरण उर्फ किन्नो का बेटा शेखर शामिल है। वह बरेली से ड्रग्स खरीदकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब व अन्य राज्यों के लोगों को बेचता है। पुलिस ने बरेली में पता किया कि कौन से ऐसे तस्कर हैं जो शेखर को ड्रग्स पहुंचाते हैं। जांच में उमेश का नाम सामने आया। एक महीने की मेहनत के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया, जब उमेश स्मैक पहुंचाने शेखर के पास पहुंचा। मयूर विहार थाना पुलिस केस दर्ज कर इनके बाकी साथियों का पता लगा रही है।