मुफ्त अनाज वितरण की बढ़ाई गई निगरानी, लीकेज रोकने को खाद्य मंत्रालय ने निगरानी प्रणाली को किया गया मजबूत

 

प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना को चार महीने के लिए और बढ़ाना काफी कारगर साबित हो रहा है।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना को चार महीने के लिए और बढ़ाना काफी कारगर साबित हो रहा है। योजना के मद में आवंटित अनाज का उठाव तेजी से हो रहा है।

नई दिल्ली,  ब्यूरो। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना को चार महीने के लिए और बढ़ाना काफी कारगर साबित हो रहा है। योजना के मद में आवंटित अनाज का उठाव तेजी से हो रहा है। योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी और लीकेज को रोकने के लिए खाद्य मंत्रालय ने निगरानी प्रणाली को मजबूत कर दिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कुल 13 राज्यों में गरीबों को मुफ्त राशन की आपूर्ति उनके आधार नंबर से जुड़े राशन कार्ड पर ही हो रही है।

इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राशन वितरण में घपले की संभावना सीमित हो गई है। योजना के पांचवें चरण में मात्र डेढ़ महीने के भीतर लगभग 20 लाख टन अनाज का उठाव हो चुका है। चार महीने के इस चरण के लिए कुल 1.63 करोड़ टन अनाज का आवंटन किया गया है। सभी राज्यों में अनाज का मुफ्त वितरण शुरू कर दिया गया है। दूसरे महीने का वितरण चालू हो चुका है।

खाद्य मंत्रालय का अनुमान है कि पिछले चरणों में वितरित किए अनाज के माफिक इस चरण में भी अनाज का उठाव तेज रहेगा। पिछला प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न के उठाव और वितरण की दैनिक निगरानी शुरू की है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को मिलने वाले मुफ्त अनाज का वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। फिलहाल कहीं से किसी तरह की गंभीर गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है।

योजना के पहले और दूसरे चरण में खाद्यान्न वितरण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम का नाम प्रमुख है जबकि तीसरे व चौथे चरण के खाद्यान्न वितरण में छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, मिजोरम, दिल्ली, पश्चिम बंगाल ने उम्दा प्रदर्शन किया। राशन कार्ड पर दिए जाने वाले खाद्यान्न में गड़बडि़यों को रोकने के लिए कई पुख्ता प्रयास किए गए हैं। इसके लिए राशन कार्डों को आधार नंबर से जोड़ दिया गया है।

साथ ही सभी उपभोक्ताओं को उनके राशन कार्ड दिए जाने से पहले उनकी अंगुली के निशान से उसे पहचाना चाहता है। यानी बायोमीट्रिक सिस्टम से लैस राशन प्रणाली अब पूरी तरह गड़बड़ी मुक्त होने के रास्ते पर है। ऐसा करने वाले 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, दादरा व नगर हवेली, दमन दीव, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, तेलंगाना व त्रिपुरा प्रमुख है। यहां के शत प्रतिशत उपभोक्ताओं के राशन कार्ड आधार से जोड़ दिए गए हैं।