दो हजार रुपये दीजिए न, तुरंत मिल जाएंगे होम आइसोलेशन के कागजात

 

होम आइसोलेशन में कोरोना संक्रमित ( प्रतीकात्मक फोटो)।

 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कोरोना को धंधा बना लिया है। यहां बाहर से आने वाले लोगों की अगर जांच रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है तो परेशान किया जा रहा है। होम आइसोलेशन के नाम पर दो हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है।

संवाददाता, धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा देने के नाम पर घूस मांगी जा रही है। जो मरीज पैसा नहीं दे रहे हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। जो सहजता से स्वास्थ्यकर्मियों को पैसा दे रहे हैं, उन्हें तत्काल होम आइसोलेशन के लिए भेज दिया जा रहा है। एसएनएमएमसीएच के पीजी ब्लाक कोविड सेंटर में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों ने मंगलवार को यह आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया। मरीजों ने पैसे लेने का आरोप एसएनएमएमसीएच के कैथ लैब में काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मी संदीप और आउटसोर्सिंग सुपरवाइजर रवींद्र कुमार पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।

पैसे नहीं देने पर धमकी दी

कुमारधुबी से आए कोरोना संक्रमित विजय राय ने बताया कि उससे पैसे मांगे जा रहे हैं। पैसे नहीं देने पर कर्मियों ने धमकी दी कि किसी भी हालत में उनको होम आइसोलेशन के लिए नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की है।

कोलकाता के मरीज से लिए दो हजार

कोलकाता से आए एक 43 वर्षीय व्यक्ति की धनबाद स्टेशन पर जांच हुई तो संक्रमित मिले। उन्हें पीजी ब्लाक भेजा गया। वहां कर्र्मियों ने होम आइसोलेशन के नाम पर उनसे दो हजार रुपये ले लिए। हालांकि रुपये लेने के बाद भी उन्हें होम आइसोलेशन में नहीं भेजा गया है।

पाजिटिव-निगेटिव रिपोर्ट में भी उगाही

जमशेदपुर के 35 वर्षीय युवक से पैसे की मांग की गई। युवक ने बताया कि कर्मचारी से पैसे पर बात हुई है, कुछ कम करने को कहा गया है। उसने बताया कि मेरी एक रिपोर्ट पाजिटिव और एक निगेटिव है। उसे छोड़ा नहीं जा रहा है। रुपये मांगे जा रहे हैं। होम आइसोलेशन के नाम पर सीधे पैसे मांगे जा रहे हैं।

मरीजों ने वीडियो किया वायरल

घूस मांगने का विरोध कर रहे मरीजों ने वीडियो भी बनाया। अपनी आपबीती सुनाई। संक्रमितों ने बताया कि होम आइसोलेशन के लिए जो पैसे नहीं दे रहा है, उन्हें कर्मचारी प्रताडि़त कर रहे हैं। अस्पताल में ही रहने को कहा जा रहा है। इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंच गई है। उन्होंने जांच शुरू कर दी है।

मामला काफी गंभीर है। अगर ऐसा हो रहा है, तो जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रबंधन से बातचीत हो रही है।