मुंबई से आई राहत भरी खबर, क्या दिल्ली में भी घटेंगे कोरोना के मामले; जानिये- क्या कहते हैं एक्सपर्ट

 

मुंबई से आई राहत भरी खबर, क्या दिल्ली में भी घटेंगे कोरोना के मामले; जानिये- क्या कहते हैं एक्सपर्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जाने लगेगी। यह सिर्फ मुंबई की बात नहीं है बल्कि ओमिक्रोन वायरस ने दक्षिण अफ्रीका में भी कुछ ऐसा ही व्यवहार किया था जहां यह पूरी दुनिया में फैला।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में कोरोना का ओमिक्रोन वैरिएंट कई गुना गति से बढ़ रहा है। ओमिक्रोन वायरस की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके मामले 4-5 दिनों में दुगुने हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली देश के ऐसे शहरों/राज्यों में शुमार है, जहां पर तेज गति से ओमिक्रोन के मामले बढ़ रहे हैं। इसके चलते दिल्ली में मिनी लाकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस बीच देश की आर्थिक राजधानी दिल्ली से राहत भरी खबर आई है, यहां पर कुछ दिनों से कोरोना के  मामलों गिरावट दर्ज की जा रही है, जो लोगों के लिए शुभ संकेत है। मुंबई की तरह दिल्ली में कोरोना के मामले कम तो नहीं हो रहे, लेकिन रफ्तार में जरूर थोड़ी कमी आई है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कोरोना के मामले 20,000 के आसपास पा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जाने लगेगी। यह सिर्फ मुंबई की बात नहीं है, बल्कि ओमिक्रोन वायरस ने दक्षिण अफ्रीका में भी कुछ ऐसा ही व्यवहार किया था, जहां यह पूरी दुनिया में फैला।

दिल्ली में कम होंगे मामले, प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी

देश-दुनिया के एक्सपर्ट के दावों पर यकीन करें तो राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में कोरोना के मामलों में तेजी से कमी आएगी, लेकिन इसके लिए दो-तीन सप्ताह का इंतजार करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि संभव है कि आने वाले हफ्तों में भी दिल्ली में कोरोना के मामलों में भारी उछाल देखने को मिले, लेकिन ओमिक्रोन के कारण आई तीसरी लहर में तेज गिरावट भी देखने को मिलेगी, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में हुआ है। इस लिहाज से दिल्ली के लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। इसी तरह का इशारा बुधवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन किया। उन्होंने कहा  कि दिल्ली में पिछले कई दिनों से रोज 20 हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं, लेकिन दिल्ली में अब पाजिटिविटी रेट 25 प्रतिशत के आस-पास आकर रुक गया है, ये अच्छा संकेत है। उन्होंने यह बी कहा कि कहा कि मौतें लोगों को पहले से ही गंभीर बीमारी की वजह से हो रही हैं। उन्होंने यह कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के मामले स्थिर हो गए हैं और संक्रमण के जल्द ही कम होने की संभावना है। इसके साथ ही सत्येंद्र जैन ने यह भी आश्वासन दिया कि अगर अगले दो से तीन दिनों में कोरोना वायरस के संक्रमण में कमी आती है, तो दिल्ली में प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे।

लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्ती जरूरी

बावजूद इसके पिछले कुछ समय से दिल्ली में संक्रमण दर व संक्रमितों की बढ़ रही संख्या चिंता की बात है। हालांकि, दूसरी लहर की तरह अभी तक यह ज्यादा नुकसानदेह नहीं है। फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। विशेषकर तब जब संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मंगलवार को संक्रमण के नए मामले 21 हजार से ज्यादा आए हैं। संक्रमण दर 25.65 प्रतिशत है। सबसे ज्यादा चिंताजनक सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ आक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती मरीजों व मौत के आंकड़ों का बढ़ना है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से 23 मरीजों की मौत हो गई। यह करीब सात माह में एक दिन में कोरोना से जान गंवाने वालों का सबसे अधिक आंकड़ा है। इस स्थिति के लिए कहीं न कहीं हम भी जिम्मेदार हैं। जिस तरह से अभी भी कुछ लोग लापरवाह बने हुए हैं वह दिल्लीवासियों पर भारी पड़ सकती है। कुछ माह पहले दूसरी लहर के दौरान हुए नुकसान को शायद हम भूल गए हैं। कई लोगों ने अपनों को खोया है। लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अब एक बार फिर से जानलेवा लापरवाही की वजह से नुकसान बढ़ने लगा है। कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं जिसका असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। यदि हम सचेत नहीं हुए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होगी, इससे बचने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्ती भी जरूरी है।

उधर, गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डाक्टर नरेश त्रेहन का कहना है कि ओमिक्रोन वायरस तेजी से बढ़ रहा है और अगले 6 सप्ताह इसके लिए अहम हैं, क्योंकि इसके मामले चरम पर होंगे। इसके बचाव के लिए मास्क ही कारगर उपाय है। 

वहीं, दिल्ली में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच एम्स चीफ डा. रणदीप गुलेरिया पहले ही कह चुके हैं कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना के नए वेरिएंट का असर उतना नहीं है यह हल्की बीमारी है।  उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन बहुत जरूरी है। हल्की बीमारी है लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है। यह अपने पीक पर जाकर अपने आप धीरे-धीरे इसका असर कम हो जाएगा।

दिल्ली के बीएलके अस्पताल में रेस्पिरेटरी डिसीज के एचओडी डा. संदीप नायर का कहना है कि  देशभर में पिछले 8-9 दिन से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली और मुंबई में दर्ज हुए मामलों की संख्या 4 से 5 गुना ज्यादा है. ताजा मामलों को देखते हुए कोरोना के जनवरी में पीक पर जाने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे दक्षिण अफ्रीका की तरह कोरोना के मामले में तेजी से कमी भी आएगी।

मुंबई तरह दिल्ली में घटेंगे केस

देश की आर्थिक राजधानी में पिछले 24 घंटे के भीतर मंगवलार को मंगलवार को सामने आए 11 हजार 647 मरीज सामने आए, जबकि 2 ने अपनी जान गंवा दी। 

11647 कोविड केस सामने आए हैं और 2 मौतें हुई हैं। साथ ही टेस्ट पाजिटिविटी रेट भी घटकर 19 फीसदी हो गया है, इससे पहले यह 23 फीसदी था। सोमवार को मुंबई में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 13648 पहुंच गया था। यह मरीज चौबीस घंटे में सामने आए थे। इसके अलावा देश की आर्थिक राजधानी में इसी दिन कोरोना से 5 मौतें भी दर्ज की गई थीं। वहीं, रविवार को यहां 19, 474 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी। शनिवार को 20 हजार 318 नए कोविड पॉजिटिव पाए गए, जबकि शुक्रवार को 20 हजार 971 कोरोना संक्रमित मिले थे।