व‌र्ल्ड इकोनोमिक फोरम ने भारत की आर्थिक प्रगति की राह में गिनाई पांच चुनौतियां, कहा- राज्यों के बीच तनाव विकास के लिए चुनौती

 

राज्यों के बीच तनाव विकास के लिए चुनौती

वर्ष 2022 में दुनिया के प्रमुख देशों में सबसे तेजी से आर्थिक विकास दर हासिल करने की तरफ अग्रसर भारत के लिए आने वाले वर्षों में कुछ अहम चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। यह चुनौतियां बाहरी भी होंगी लेकिन आंतरिक स्तर पर पैदा होने वाली चुनौतियां भी कम नहीं है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: वर्ष 2022 में दुनिया के प्रमुख देशों में सबसे तेजी से आर्थिक विकास दर हासिल करने की तरफ अग्रसर भारत के लिए आने वाले वर्षों में कुछ अहम चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। यह चुनौतियां बाहरी भी होंगी लेकिन आंतरिक स्तर पर पैदा होने वाली चुनौतियां भी कम नहीं है। यह बात कोरोना काल के बाद दुनिया के सभी देशों के समक्ष किस तरह की चुनौतियां होंगी, इस पर व‌र्ल्ड इकोनोमिक फोरम (डब्लूईएफ) की तरफ से जारी एक विस्तृत रिपोर्ट में कही गई है।को जोड़ने की पहल भी तेज हो गई है।

पर्यावरण कई देशों के लिए चुनौती

कई देशों के लिए पर्यावरण की चुनौतियों को उनकी प्रगति की राह में एक बड़ी बाधा के तौर पर रखा गया है लेकिन भारत के लिए इस तरह की बात नहीं कही गई है। पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से ग्लासगो सम्मेलन में वर्ष 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने की घोषणा की इसमें काफी तारीफ की गई है।