यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान क्यों ढक दी जाती है नोएडा में मायावती की मूर्ति ?

 

यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान क्यों ढक दी जाती है नोएडा में मायावती की मूर्ति ?

UP assembly elections 2022 एडीएम वित्त के आदेश पर माडल कोर्ट आफ कंडक्ट (एमसीसी) के प्रभारी एडीएम (ई) नितिन ने नोएडा प्राधिकरण को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में लगी बसपा सुप्रीमो मायावती की दोनों मूर्ति को कवर करवाया।

नोए़डा, आनलाइन डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के तहत पहले चरण के लिए जल्द ही नामांकन शुरू होने वाला है। चुनाव के ऐलान के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगाई जा चुकी है, ऐसे में निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई तेज कर दी है।  इसके तहत ही यूपी के नोएडा में स्थित  राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में लगी बसपा सुप्रीमो की मूर्ति को कवर दिया गया है। हालांकि, यहां पर लगाई गई हाथियों को नहीं ढका गया है। बता दें कि बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिह्न हाथी है। इससे पहले 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में पहली बार राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में बने हाथियों और मयावती की मूर्तियों को ढका गया था। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में हाथी की मूर्तियिों को भी ढकने का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि एडीएम वित्त के आदेश पर माडल कोर्ट आफ कंडक्ट (एमसीसी) के प्रभारी एडीएम (ई) नितिन ने नोएडा प्राधिकरण को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में लगी बसपा सुप्रीमो मायावती की दोनों मूर्ति को कवर करवाया। इसके लिए पूरी टीम राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर पहुंची और पोलीथि से मूर्ति कवर की गई।

आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि निष्पक्ष चुनाव है। इसके लिए कोई भी प्रलोभन वाला काम नहीं करने दिया जाता है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रदेश भर में सरकारी और निजी संपत्तियों से लाखों रुपये से अधिक प्रचार सामग्री हटाई और मिटाई गई। इनमें पोस्टर, बैनर के अलावा दीवारों पर लिखे नारे भी शामिल हैं। इसी कड़ी में मायावती की नोएडा में लगी मूर्ति भी ढगी गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेश में कानून व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस कड़ी में पुलिस, आयकर, आबकारी आदि विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग मतदान की तारीखों का ऐलान कर चुका है। यूपी में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी जबकि दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी का होगा।वहीं, तीसरे चरण का मतदान 20 तो चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी को होगी, जबकि पांचवें चरण का मतदान 27 फरवरी को होगा। इसी कड़ी में छठे चरण का मतदान 3 मार्च और 7वें चरण का मतदान 7 मार्च को होगा, जबकि मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेश में कानून व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस कड़ी में पुलिस, आयकर, आबकारी आदि विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग मतदान की तारीखों का ऐलान कर चुका है। यूपी में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी जबकि दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी का होगा।वहीं, तीसरे चरण का मतदान 20 तो चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी को होगी, जबकि पांचवें चरण का मतदान 27 फरवरी को होगा। इसी कड़ी में छठे चरण का मतदान 3 मार्च और 7वें चरण का मतदान 7 मार्च को होगा, जबकि मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।