दिल्ली में चरम पर पहुंच चुकी है कोरोना की लहर- सत्येंद्र जैन ने दिए संकेत, दो दिन में कम हुए करीब आठ हजार मामले

 

दिल्ली से आई राहत भरी खबर, आज आ सकते हैं कोरोना के 4000 कम मामले

राजधानी दिल्ली में दो दिन से कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है। इस वजह से शनिवार को कोरोना के करीब 20 हजार नए मामले आए जो पिछले दिन के मुकाबले चार हजार कम हैं।

नई दिल्ली  ,surender aggarwal।दिल्ली में कोरोना के अधिक संक्रमण के बीच थोड़ी राहत भरी खबर आ रही है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि राजधानी दिल्ली में दो दिन से कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है। इस वजह से शनिवार को कोरोना के करीब 20 हजार नए मामले आए, जो पिछले दिन के मुकाबले चार हजार कम हैं। वहीं दो दिनों में करीब आठ हजार मामले कम हो चुके हैं। यह कोरोना के मामले कम होने के संकेत हो सकते हैं। अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।

दरअसल, दिल्ली में 13 जनवरी को कोरोना के 28,867 मामले आए थे। इसके अगले दिन 4484 मामले कम होने से कोरोना के 24,383 नए मामले आए थे। सत्येंद्र जैन ने कहा कि दूसरे दिन भी कोरोना के मामले करीब चार हजार कम आए हैं। इस लिहाजा से दो दिन में कोरोना के मामलों में 27.71 प्रतिशत की कमी आ चुकी है।

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में संक्रमण चरम पर पहुंच चुकी है। इसके बाद अब मामले कम होने शुरू हो गए हैं। अगले कुछ दिनों तक कोरोना के मामलों में यदि गिरावट का सिलसिला जारी रहा और नए मामले 15 हजार से कम हुए तो कोरोना की रोकथाम के लिए लगे प्रतिबंधों में कुछ राहत देने पर विचार किया जा सकता है। पहले के मुकाबले जांच कम होने के मामले पर उन्होंने कहा कि पहले कोरोना मरीजों के संपर्क में आए बगैर लक्षण वाले सभी लोगों की जांच का प्रविधान था। इस वजह से अधिक लोग जांच करा रहे थे।

केंद्र सरकार के नए दिशा निर्देश के अनुसार अब बीमारी की लक्षण वाले मरीजों व अधिक जोखिम वाले बगैर लक्षण वाले लोगों की ही जांच हो रही है। बगैर लक्षण वाले सामान्य लोगों की अब कोरोना की जांच नहीं हो रही है। इस वजह से अब बीमारी की लक्षण वाले लोग ही जांच अधिक करा रहे हैं। यदि अधिक संख्या में लोग बीमार होंगे जो जांच बढ़ेगी और कम लोग बीमार होंगे तो जांच कम होगी। फिर भी प्रतिदिन 60 हजार से एक हजार सैंपल की जांच हो रही है। पांच-छह दिन पहले से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या स्थिर है। करीब 85 प्रतिशत बेड खाली है। यह भी इस बात का संकेत है कि कोरोना के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पहले कोरोना से मरने वाले सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा दो चुकी है।