भारतीय सेना ने विभिन्न युगों की वर्दी पहनकर की परेड

 

सेना की परेड करते हुए तसवीर। (फोटो- एएनआइ)

आज सेना की टुकड़ियों ने 1947 1962 और 1971 से लेकर आज तक की विभिन्न युगों की वर्दी पहनकर एक परेड की। भारतीय सेना 15 जनवरी को सेना दिवस परेड के दौरान अपने सैनिकों के लिए एक नई वर्दी का अनावरण भी करने जा रही है।

 नई दिल्ली, एएनआइ। सेना दिवस परेड से पहले आज सेना की टुकड़ियों ने 1947, 1962 और 1971 से लेकर आज तक की विभिन्न युगों की वर्दी पहनकर एक परेड की। एएनआइ ने इसकी कुछ तसवीरें भी सांझा की है। आपको बता दें कि भारतीय सेना 15 जनवरी को सेना दिवस परेड के दौरान अपने सैनिकों के लिए नई वर्दी का अनावरण करने जा रही है, जो हल्की और पर्यावरण के अनुकूल होगी। सेना दिवस की परेड में पहली बार दिखने वाली इस नई लड़ाकू पोशाक को लाने का फैसला हाल ही में आयोजित सेना कमांडरों के सम्मेलन में लिया गया था।

डिजिटल पैटर्न पर आधारित है नई वर्दी

जानकारी के अनुसार नई वर्दी डिजिटल पैटर्न पर आधारित होगी। सेना के लिए यह वर्दी मौजूदा पोशाक से पूरी तरह से अलग होने वाली है। सैनिकों को वर्दी की नई शर्ट पैंट के अन्दर करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। नई वर्दी का रंग प्रतिशत वर्तमान वर्दी जैसा है, जो जैतून और मिट्टी सहित रंगों का मिश्रण होता है।

वर्दी को निफ्ट ने किया डिजाइन

सैनिकों और अधिकारियों की सुविधा के लिए पैंट में अतिरिक्त जेबें होंगी। सेना की डिजिटल पैटर्न वाली अधिक आरामदेह इस नई वर्दी को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलाजी (निफ्ट) ने सेना के निकट समन्वय में डिजाइन किया है। पहली बार 15 जनवरी को सेना दिवस परेड में प्रदर्शन होने के बाद यह नई वर्दी इसी साल से अधिकारियों और सैनिकों को जारी की जाएगी।

लगभग 13 लाख सैनिकों के लिए बनाई जाएगी वर्दी

जानकारी के अनुसार लगभग 13 लाख सैनिकों के लिए वर्दी बनाने की निविदा प्रक्रिया निजी और सरकारी दोनों उद्यमों के लिए खोली गई है। सेना ने पहले ही कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के दौरान या आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सभी बलों द्वारा लड़ाकू वर्दी पहनने पर दिशा-निर्देश जारी करने के लिए केंद्रीय रक्षा और गृह मंत्रालय से अनुरोध किया था। इस नई वर्दी के लिए उपयोग किया गया कपड़ा हल्का लेकिन मजबूत है और गर्मी एवं सर्दी दोनों के लिए उपयुक्त है। नई वर्दी में वर्तमान की तरह कंधे और कॉलर टैग काले रंग के ही दिखाई देंगे।