असीम अरुण का एक और संदेश वायरल, आगे की रणनीति बताई और कानपुर के लोगों से मांगी क्षमा

 



असीम अरुण ने साझा की भविष्य की रणनीति।

पुलिस कमिश्नर पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन शासन से मंजूर होने के बाद असीम अरुण का एक और संदेश पत्र वायरल हो रहा है। इससे पहले भी उनका एक वीडियो और पत्र भी इंटरनेट मीडिया में वायरल हो चुका है।

कानपुर,  संवाददाता। पुलिस कमिश्नर पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन करके सभी चौंकाने वाले आईपीएस असीम अरुण का एक और संदेश वायरल हो रहा है। इसमे उन्होंने अपनी भावी रणनीति के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी है। इससे पहले भी उनका एक संदेश पत्र और वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो चुका है। भाजपा की टिकट पर कन्नौज सदर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं और कानपुर की किसी सीट से भी चुनावी मैदान में उतरने की अटकलें तेज हैं। ऐसे में समय उन्होंने एक संदेश जारी करके अपनी भावी तैयारी से पर्दा उठा दिया है।

कन्नौज के रहने वाले हैं असीम अरुण

मूलरूप से कन्नौज के ठठिया क्षेत्र के रहने वाले आइपीएस असीम अरुण प्रधानमंत्री की सुरक्षा की भी कमान संभाल चुके हैं। उनके पिता पूर्व डीजीपी श्रीराम अरुण की भी गिनती तेज तर्रार पुलिस अफसरों में होती थी। असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और कानपुर में कमिश्नरेट पुलिस व्यवस्था लागू होने पर पहले कमिश्नर बनाए गए थे। उनका जन्म बदायूं में 3 अक्टूबर 1970 को हुआ था। उनकी मां शशि अरुण जानी-मानी लेखिका थीं। पिता श्रीराम अरुण ने कन्नौज में रहकर कई सामाजिक कार्य किए, जिसके चलते आज भी लोग उन्हें याद करते हैं और दिल में खास जगह बनी हुई है।

पहले भी जारी किया पत्र और वीडियो

असीम अरुण ने आठ जनवरी को पुलिस कमिश्नर पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन की जानकारी वाला पत्र इंटरनेट मीडिया पर जारी करके सभी चौंका दिया था। पत्र में राष्ट्र और समाज की सेवा एक नए रूप में करने की बात लिखी थी। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने वीडियो को ही विदाई पार्टी समझने और सहयोगी पुलिस कर्मियों को संदेश दिया था। इसके साथ ही अपने कार्यालय में हमेशा तीन महापुरुष महात्मा गांधी, बाबा साहब डाॅ. अंबेडकर और सरदार पटेल लौह पुरुष का चित्र रखने की वजह भी बताई थी।

एक पत्र जारी करके बताई भविष्य की रणनीति

असीम अरुण ने एक और संदेश वाला पत्र जारी करके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी दी है। जय हिंद से शुरुआत करते हुए उन्होंने लिखा है कि मेरे कई साथी चिंतित हैं और जानना चाह रहे हैं कि मेरी आगे की योजना क्या है? आपके प्रेम और चिंता के लिए आभार व्यक्त करते हुए आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि राज्य सरकार ने मेरे वीआरएस आवेदन को स्वीकार कर लिया है और मैं 15 जनवरी को रिटायर होऊंगा। 8 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने का निर्णय लेने और 45 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बीच का समय योजना बनाने और तैयारी करने का है।

यह समय है जिसमें मैं पुलिस अधिकारी और सार्वजनिक जीवन के परिवर्तन को लाने का प्रयास कर रहा हूँ, अपने व परिवार की आवश्यकताओं को व्यवस्थित कर रहा हूँ। भाजपा में सम्मिलित होने के निर्णय के बाद मैंने पहला काम किया कि मैं अवकाश पर चला गया क्योंकि पुलिस आयुक्त की कुर्सी पर बैठना गलत होता। यद्यपि पुलिस के साथी विदाई समारोह करना चाहते थे, मुझे लगा कि इस अनोखी परिस्थिति में यह उचित नहीं होगा, अतः, वर्दी और विभाग के प्रति अपनी भावनाएं एक संक्षिप्त विडियो में व्यक्त कर ही विदा हो लिया।

मैं कानपुर के सम्मानित नागरिकों से क्षमा चाहता हूँ कि 8 जनवरी के बाद मैंने आपसे से भेंट नहीं की. आप समझ सकते हैं कि उस समय और स्थान पर भेंट अनुचित होती। सेवानिवृत्ति के बाद मैं पुनः कानपुर आऊँगा और आपसे आशीर्वाद लूँगा। 15 जनवरी से मैं नई यात्रा आरंभ करूंगा, इसके बाद देश की महानतम पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करूंगा और अपनी मातृ भूमि खैरनगर, कन्नौज जाकर अपने परिवार के बड़ों से आशीर्वाद ले कर नया सफर शुरू करूंगा।