कब-कब भारत के तीर्थ स्‍थलों में हुई भगदड़ की घटनाएं और लोगों को गंवानी पड़ी जान

 



मंदिरों में पहले भी हुई हैं भगदड़ की घटनाएं (जागरण.काम, फाइल फोटो)

साल 2022 के पहले ही दिन कटरा स्थित वैष्णों देवी माता मंदिर में भगदड़ की घटना से सभी स्तब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क: साल 2022 के पहले ही दिन कटरा स्थित वैष्णों देवी माता मंदिर में भगदड़ की घटना से सभी स्तब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया है। घटना में सभी घायलों का इलाज स्थानीय नारायणा अस्पताल में किया जा रहा है। मंदिरों में दर्शनों के दौरान श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ की यह पहली घटना नहीं हैं। पिछले कई वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में भगदड़ के मामले सामने आए हैं।

करुप्पासामी मंदिर, वर्ष 2019

त्रिची, तमिलनाडु स्थित करुप्पासामी मंदिर में 21 अप्रैल 2019 को हुए भगदड़ हादसे में करीब सात लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घटना में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की थी। यह हादसा चित्रा पूर्णिमा की रात मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जमा हुए श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ होने के बाद हुई थी।

सबरीमाला मंदिर, वर्ष 2017

दक्षिण भारत के केरल स्थित सबरीमाला मंदिर में वर्ष 2017 में हुई भगदड़ में बड़ी तादाद में लोग घायल हुए थे। सबरीमाला मंदिर में हुए हादसे में कुल 25 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई गई थी। इस हादसे के बाद से तीर्थयात्रियों के मंदिर में प्रवेश के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। 2017 में हुई भगदड़ 41 दिवसीय मंडला पूजा के समापन से एक दिन पहले हुई। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा थी और जब मंडला पूजा में भगवान अयप्पा द्वारा पहने गए आभूषणों को लेकर पवित्र 'थंगा अंगी' जुलूस मंदिर पहुंचा। तो उनके दर्शनों के लिए भक्तों के बीच भगदड़ हो गई। जिसमें करीब 25 लोग घायल हुए थे।

गरीबनाथ मंदिर, वर्ष 2018

मुजफ्फरपुर, बिहार स्थित गरीबनाथ मंदिर में 13 अगस्त 2018 को हुई भगदड़ में करीब 15 लोगों के घायल हुए थे। हादसे के बाद हुई जांच में सामने आया था कि मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ होने के कारण भगदड़ की स्थिति बनी। गरीबनाथ मंदिर, भगवान भोले शंकर का प्रसिद्ध स्थान है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास के तीसरे सोमवार को मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए थे। इस दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाने और दर्शनों को लेकर भगदड़ हो गई।

अशोक धाम मंदिर, वर्ष 2019

लखीसराय, बिहार स्थित अशोक धाम मंदिर में 12 अगस्त 2019 को हुई भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। अशोक धाम मंदिर को इंद्रदेवन्स्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां स्थापित शिवलिंग का खास महत्व है। 11 फरवरी 1993 को, जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य ने मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का उद्घाटन किया।

श्रीनयना देवी 2008 हादसा

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में स्थित उत्तर भारत की प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्रीनयना देवी में भी मंदिर व जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क हो गया है। गौर हो कि यहां भी वर्ष 2008 में भगदड़ मच जाने से करीब 145 लोगाें की जान चली गई थी।