सिरसा में सर्व कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, बर्खास्त पुलिस कर्मचारियों को बहाल करने की उठाई मांग

 

सिरसा में सर्व कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा।

23 जनवरी को सर्व कर्मचारी संघ सयुंक्त किसान मोर्चा सीटू रिटायर कर्मचारी संघ सहित अन्य जन संगठनों की एक सयुंक्त कंवेंशन स्थानीय पटवार भवन में होगी जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।साथ ही कन्वेंशन में आगामी 23 व 24 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।

 संवाददाता, सिरसा। सर्व कर्मचारी संघ ने यमुनानगर में प्रदर्शन कर रहे पीटीआई शिक्षकों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने और पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड व टर्मिनेट करने के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ, जिला सचिव राजेश भाकर, रिटायर संघ से महेन्द्र शर्मा ने बताया कि 23 जनवरी को सर्व कर्मचारी संघ, सयुंक्त किसान मोर्चा, सीटू, रिटायर कर्मचारी संघ सहित अन्य जन संगठनों की एक सयुंक्त कंवेंशन स्थानीय पटवार भवन में होगी, जिसमें तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि कन्वेंशन में आगामी 23 व 24 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। सगठनों के पदाधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा गांव से लेकर शहर तक आम जनता के बीच जाकर सरकार की जन विरोधी व कर्मचारी विरोधी नीतियों की पोल खोलने का अभियान चलाया जाएगा।पब्लिक मीटिंग पर रोक क्यों

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बैठक में 500 से अधिक लोग जुट सकते हैं तो पब्लिक मीटिंग पर रोक क्यों लगाई गई है। सरकार आम जनता को कोरोना का डर दिखा रही है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने का सभी को अधिकार है। सरकार अपनी तानाशाही से उनकी आवाज को दबा नहीं सकती। अगर सरकार ने ऐसा करने की कोशिश की तो आवाम को साथ लेकर वे सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। कच्चे कर्मचारियों को अभी तक पक्का नहीं किया गया है। जिसको लेकर कई बार मुख्यमंत्री को अवगत करवा चुके हैं।