लुधियाना में बहू ने मायका परिवार से मिल ससुराल से चुराए चेक, बैंक से बाउंस करा कोर्ट में दायर कर दी याचिका

 

लुधियाना में बहू ने ससुराल से चेक चुरा बैंक से बाउंस करवा दिए।

लुधियाना में महिला ने अपने मायके परिवार के साथ मिल कर धोखाधड़ी से लाखों रुपये के जेवर साइन किए हुए पांच चेक चोरी कर लिए। चोरी के चेकों पर लाखों की रकम भर कर उन्हें बैंक से बाउंस करा लिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

 संवाददाता, लुधियाना। लुधियाना के माडल टाउन निवासी महिला ने अपने मायके परिवार के साथ मिल कर धोखाधड़ी से लाखों रुपये के जेवर साइन किए हुए पांच चेक चोरी कर लिए। चोरी के चेकों पर लाखों की रकम भर कर उन्हें बैंक से बाउंस करा लिया। उसके आधार पर आरोपितों ने ससुरालियों पर अदालत में याचिका दायर करके केस दर्ज कराने की जद्दोजहद शुरू कर दी। अब थाना माडल टाउन पुलिस ने उनके खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी व अन्य आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करके उनकी तलाश शुरू की है। एएसआइ हरमेश सिंह ने बताया कि उनकी पहचान नई दिल्ली के जनकपुरी वेस्ट निवासी नौनिहाल सिंह, उसकी बेटी मनप्रीत कौर, छत्तीसगढ़ के रहिजा टावर निवासी जसवीर सिंह, नोयडा सेक्टर 10 निवासी कंवरपाल सिंह, कर्नाटका के हुबली स्थित पोस्ट छाबी निवासी प्रिथीपाल सिंह अनेजा तथा दुगरी अर्बन इस्टेट निवासी कुलदीप सिंह अनेजा के रूप में हुई।

पुलिस ने माडल टाउन निवासी इंद्रतेजपाल सिंह की शिकायत पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया। नवंबर 2020 में पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में उसने बताया कि दिसंबर 2012 में उसके बेटे शमिंदरपाल सिंह की शादी मनप्रीत काैर के साथ हुई थी। जिससे उनका एक बेटा है। एक साल पहले मनप्रीत बेटे को लेकर मायका परिवार से मिलने का बोल कर दिल्ली चली गई। 26 अक्टूबर 2020 में नौनिहाल सिंह का फाेन आया। उसने कहा कि मनप्रीत को एक शादी समारोह में शामिल होना है। जिसके चलते उसे अपने जेवर और कपड़े चाहिए। 30 अक्टूबर के दिन उक्त सभी आरोपित तीन कारों में सवार होकर उनके घर पहुंचे।

आरोपितों ने 6 सूट केस में मनप्रीत का सामान पैक किया। उसमें मनप्रीत के मायके और ससुराल की और से शादी में दिए गए सभी जेवर थे। जाते समय वो अलमारी में रखे ओबीसी के 5 चेक भी ले गई। जिन पर उनके बेटे के दस्तखत किए हुए थे। बाद में आरोपितों ने उनमें से तीन चेक पर 40 लाख, 20 लाख तथा 28 लाख की रकम भर कर उन्हें बैंक से बाउंस करा दिया। उनके आधार पर विभिन्न अदालतों में उनके खिलाफ याचिका दायर करके केस दर्ज करने की अपील कर दी। ऐसा करके आरोपितों ने उनके साथ धोखाधड़ी की। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने आरोप सही पाए जाने पर आरोपित पर केस दर्ज करने की सिफारिश कर दी। डीए लीगल की राय लेने के बाद पुलिस ने केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी।