दिल्ली सरकार के राजन बाबू अस्पताल को सील करने के आदेश का भाजपा ने किया विरोध

 

आप’ नेता पूरे अस्पताल को असुरक्षित बताकर झूठ फैला रहे हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर

राजन बाबू अस्पताल को सील करने के दिल्ली सरकार के आदेश का भाजपा ने विरोध किया है। महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण बिना तथ्यों की जांच किए अस्पताल को खाली करने एवं सील करने का आदेश जारी किया है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजन बाबू अस्पताल को सील करने के दिल्ली सरकार के आदेश का भाजपा ने विरोध किया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण बिना तथ्यों की जांच किए अस्पताल को खाली करने एवं सील करने का आदेश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में एक इमारत का कुछ हिस्सा खतरनाक है, जिसे निगम ने पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया है। बावजूद इसके ‘आप’ नेता पूरे अस्पताल को असुरक्षित बताकर झूठ फैला रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी बिना किसी जांच के अस्पताल को सील करने का आदेश जारी कर दिया है। उन्हें शिकायत मिलने पर उत्तरी निगम या अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट मांगनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के समय दिल्ली सरकार आक्सीजन बेड उपलब्ध कराने में फेल हो गई थी। उस समय राजन बाबू अस्पताल में एक सौ आक्सीजन बेड उपलब्ध कराया गया था। दिल्ली सरकार इस महत्वपूर्ण अस्पताल को बदनाम कर रही है। 

दरअसल, मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि भाजपा शासित उत्तरी निगम ने खुद इस अस्पताल की इमारत को खतरनाक घोषित कर रखा है। इसके बावजूद यहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यह निगम की लापरवाही की पराकाष्ठा है। अस्पताल में चिकित्सीय एवं पैरामेडिकल सेवाओं को फिलहाल रोकने के आदेश दिए गए हैं।सत्येंद्र जैन ने शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल की इमारत को तत्काल रूप से सील करने का आदेश जारी किया।

साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास विभाग) को इसकी जांच कर दिल्ली सरकार को रिपोर्ट सौंपने को कहा। बता दें कि यह वही अस्पताल है जिसका दो दिन पहले ‘आप’ नेता आतिशी ने दौरा कर जर्जर इमारत में अस्पताल चलाने के मामले में सवाल उठाए थे।