दिल्ली में 10 सालों में बढ़ गए 21 लाख बिजली उपभोक्ता, नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष फोकस

 

राजधानी में कचरा से बिजली बनाने के तीन संयंत्र हैं।

पिछले साल गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग फिर से सात हजार मेगावाट के ऊपर पहुंच गई थी। ग्रिड से जुड़ी हुई सभी सौर परियोजनाओं से दिसंबर 2021 तक दिल्ली को 223.601 मेगावाट बिजली मिली है। 24 घंटे निर्बाध व सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

नई दिल्ली राज्य ब्यूरो। राजधानी में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले दस वर्षों में लगभग 21 लाख बिजली उपभोक्ता बढ़ गए हैं। साथ ही बिजली की अधिकतम मांग में भी 14 सौ मेगावाट के करीब बढ़ोतरी हुई है। मांग पूरी करने के लिए सौर ऊर्जा पर ध्यान दिया जा रहा है। इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।

दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2011-12 में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 43.01 लाख थी और वर्ष 2020-21 में यह बढ़कर 63.87 लाख हो गई। उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ी है। वर्ष 2011-12 में अधिकतम मांग 5028 मेगावाट थी। वहीं, वर्ष 2018 से ही अधिकतम मांग सात हजार मेगावाट के ऊपर है। वर्ष 2019 में अधिकतम 7409 मेगावाट तक पहुंच गई है। हालांकि, लाकडाउन की वजह से वर्ष 2020-21 में अधिकतम मांग मात्र 6314 मेगावाट रही थी। पिछले साल गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग फिर से सात हजार मेगावाट के ऊपर पहुंच गई थी।

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बिजली चोरी में आई है कमीः तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीएंडसी) हानि कम करने में दिल्ली ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2002 में एटीएंडसी हानि 52 प्रतशित थी। वर्ष 2020-21 में यह कम होकर मात्र 6.92 प्रतिशत रह गई। इस हानि का मुख्य कारण बिजली चोरी व बिजली नेटवर्क में खराबी था। इसमें सुधार करके बिजली नुकसान को कम किया गया है। इससे दिल्लीवासियों को 24 घंटे निर्बाध व सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

कचरा से बन रही है बिजलीः राजधानी में कचरा से बिजली बनाने के तीन संयंत्र हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 56 मेगावाट है। दो अन्य संयंत्र बनाने का प्रस्ताव है।

कचरा से बिजली वाले संयंत्रों का विवरणः-

  • संयंत्र-क्षमता
  • तिमारपुर-ओखला-20 मेगावाट
  • गाजीपुर-12 मेगावाट
  • नरेला-बवाना-24मेगावाट
  • प्रस्तावित संयंत्रः-
  • भलस्वा-15 मेगावाट
  • तेहखंड-25 मेगावाट

गाजीपुर संयंत्र का विस्तार कर इसकी क्षमता में आठ मेगावाट वृद्धि करने की तैयारी है।

नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यानः दिल्ली में नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा नीति बनाई गई है। इससे घरों व अन्य इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर लोग अपने उपयोग के साथ ही बची हुई बिजली ग्रिड में बेच सकते हैं। ग्रिड से जुड़ी हुई सभी सौर परियोजनाओं से दिसंबर, 2021 तक दिल्ली को 223.601 मेगावाट बिजली मिली है। राजधानी में नवीकरणीय ऊर्जा की कुल क्षमता 271.601 मेगावाट है।