सीएपीएफ जवानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 100 दिन की वार्षिक छुट्टी योजना की जल्द घोषणा कर सकता है गृह मंत्रालय

 

नीति का उद्देश्य काम से संबंधित तनाव को कम करना

सीएपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को अपने प्रस्तावों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय के अगले महीने तक अंतिम निर्णय लेने की उम्मीद है कि कल्याणकारी उपाय कैसे लागू किया जा सकता है।

नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएपीएफ जवानों को अपने परिवार के साथ कम से कम 100 दिन बिताने की अनुमति देने का एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पेश किया है, जिसके जल्द ही लागू होने की संभावना है। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने नीति के कार्यान्वयन में देरी के मुद्दों को सुलझाने के लिए इस महीने की शुरुआत में कई बैठकें की हैं। नीति का उद्देश्य काम से संबंधित तनाव को कम करना और लगभग 10 लाख सैनिकों और अधिकारियों की खुशी को बढ़ाना है, जो कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण पर्यावरणीय परिस्थितियों और दूरदराज के स्थानों में कठिन कर्तव्यों का पालन करते हैं।

अगले महीने तक निर्णय लेने की उम्मीद

सीएपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को अपने प्रस्तावों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय के अगले महीने तक अंतिम निर्णय लेने की उम्मीद है कि कल्याणकारी उपाय कैसे लागू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि बल एक वर्ष में अपने सैनिकों को 60-65 दिन की छुट्टी देने में सक्षम है, लेकिन अगर आकस्मिक छुट्टी को 15 दिन से बढ़ाकर 28-30 दिन करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है, तो जवानों के लिए 100 दिनों की छुट्टी दी जा सकती है।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है सीएपीएफ

बता दें कि सीएपीएफ देश की पांच सुरक्षाबलों के समूह को कहा जाता है। इस समूह में आने वाले सभी फोर्सेज पूरी तरह से भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत हैं। सीएपीएफ में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआइएसएफ, आइटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं।

पिछले तीन सालों से फंसा हुआ था यह मामला

गौरतलब है कि सीएपीएफ के जवानों की छुट्टी का मामला पिछले तीन साल से फंसा हुआ था। अब उम्मीद है कि जल्द ही इस बारे में गृह मंत्री की तरफ से अनुमति मिल सकती है। गृहमंत्री अमित शाह ने 2019 में कहा था कि सभी जवान अपने परिवार के साथ 100 दिन की छुट्टी में रह सकते है।