झारखंड में मछली पकड़ने गए व्यक्ति की तालाब में डूबकर मौत, 10 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मिला शव

 

लोग प्रशासन से आर्थिक सहयोग करने व आपदा प्रबंधन के तहत मदद की मांग कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने पर बरही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह एसआइ दिनेश कुमार घनश्याम कुमार नवीन पांडे आदि पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकलवाने में मदद की। पुलिस ने सोमवार को शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंपा।

हजारीबाग, सं। बरही थाना अंतर्गत बरसोत गांव स्थित जगतानंद पांडे के तालाब में मछली मारने के दौरान गांव के ही एक ग्रामीण स्व. बंधन सिंह के 52 वर्षीय पुत्र बबुनी सिंह की मौत तालाब में डूब जाने से हो गई। बताया जाता है कि बबुनी सिंह रविवार संध्या करीब 5:00 बजे तालाब में मछली मारने गया था। अचानक पांव फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि गहरे पानी में उक्त व्यक्ति का पैर झाड़ियों में फंस गया होगा। उसे डूबते हुए गांव के ही एक व्यक्ति ने देखा तो वह गांव में हल्ला किया। उसके बाद ग्रामीण उसे निकालने में कड़ी मशक्कत किए किंतु सफल नहीं हुए। बाद में चौपारण चयकला से आए गोताखोरों की टीम ने तालाब के गहरे पानी में झाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर कड़ी मशक्कत के बाद रात्रि करीब 1:30 बजे 10 घन्टे के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला।

गोताखोरों की मदद से निकाला गया शव

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य प्रतिनिधि विष्णुधारी महतो, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष मोतीलाल चौधरी, उप मुखिया प्रतिनिधि पप्पू पांडे, आजसू नेता संतोष रजवार, मुरारी पांडे, विनोद पांडे, दामोदर महतो, ईश्वर सिंह, गौतम पांडे, वासुदेव सिंह, बालेश्वर सिंह, करण सिंह आदि भारी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच कर शव को तालाब से निकलवाने में मदद की। मुखिया प्रतिनिधि बिहारी महतो ने बताया कि इसकी जानकारी उन्होंने रात्रि में ही बरही सीओ को दिया किंतु उन्होंने कहा कि वे सुबह में एनडीआर एफ की टीम बुलवाएंगे उसके बाद रात्रि में चौपारण के हेलाल अख्तर से गोताखोर के लिए मदद मांगा। उसके बाद चौपारण से पहुंची गोताखोर की टीम ने अथक प्रयास कर शव को बाहर निकाला।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

इधर घटना की सूचना मिलने पर बरही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह, एसआइ दिनेश कुमार, घनश्याम कुमार, नवीन पांडे आदि पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकलवाने में मदद की। पुलिस ने सोमवार को शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंपा। हालांकि इस घटना में किसी की कोई गलती नहीं है। इस बाबत मृतक बबुनी सिंह का पुत्र धर्मेंद्र सिंह ने बरही थाना में आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर बरही थाना में यूडी का बरही कांड संख्या 7/22 दर्ज किया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

नहीं मिला तत्काल प्रशासन द्वारा सहायता राशि, सरकारी मुआवजा की मांग

घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक काफी गरीब परिवार का है लोग प्रशासन से आर्थिक सहयोग करने व आपदा प्रबंधन के तहत मदद की मांग कर रहे हैं। मुखिया सीता देवी प्रतिनिधि विष्णुधारी महतो ने बताया कि चंदा इकट्ठा कर गोताखोरों को 15000 दिया गया, जिसमें 5000 मृतक बबुनी सिंह का पुत्र देने का आश्वासन दिया है। किंतु ग्रामीणों द्वारा मांग किए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा किसी तरह की अबतक तत्काल आर्थिक मदद नहीं दिया गया। पंचायत के मद में भी आपदा प्रबंधन के लिए फंड नहीं है। बरहाल प्रशासन तत्काल आर्थिक मदद करती तो शव को गोताखोरों द्वारा निकालवाने, पोस्टमार्टम कराने व अंतिम संस्कार में सहूलियत मिलती। साथ ही उन्होंने बताया कि बरसोत गांव में 2 साल के अंदर इस तरह का यह तीसरी घटना है। वहीं मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी मुआवजा का मांग रखा। सीओ सह बीडीओ अरविंद देवाशीष टोप्पो ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद सरकारी प्रक्रिया व प्रावधान के अनुसार सहायता के रूप में चार लाख की राशि दी जाएगी।