मौसम विभाग ने बताया अगले 10 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम का हाल, करें हीटवेव से बचाव के उपाय

 

अगले 10 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के मौसम में गर्मा में बदलाव होने वाला है।

लोगों के घरों और आफिसों में एसी कूलर और पंखे अपनी पूरी गति से चलने लगे हैं। हालांकि अब मार्च माह खत्म होने की कगार पर है मगर जिस हिसाब से मौसम में गर्माहट बढ़ रही है उससे लगता है कि इस बार गर्मी अपने पुराने रिकार्ड भी तोड़ देगी।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में मार्च के माह में मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। अब एक समय के बाद सूरज की गर्मी असहनीय हो जाती है। लोगों के घरों और आफिसों में एसी, कूलर और पंखे अपनी पूरी गति से चलने लगे हैं। हालांकि अब मार्च माह खत्म होने की कगार पर है मगर जिस हिसाब से मौसम में गर्माहट बढ़ रही है उससे ऐसा ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार गर्मी अपने पुराने रिकार्ड भी तोड़ देगी।

सोमवार को स्काइमेट वेदर की ओर से भी इस बारे में अपडेट जारी किया गया। वेदर की ओर से रिपोर्ट जारी की गई कि मैदानी इलाकों में हवा की गति धीमी हो रही है। ऐसे में तापमान में वृद्धि होगी जिससे दक्षिण हरियाणा, दिल्ली के कुछ हिस्सों और उत्तर राजस्थान में हीटवेव चलेगी। अगले 8 से 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस वजह से मौसम में गर्माहट काफी बढ़ेगी।

उधर रविवार को दिल्ली में भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, जोकि मौसम के औसत तापमान से दो डिग्री अधिक था। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का पूर्वानुमान था। मगर तापमान कम रह गया।

अब मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले सप्ताह भी गर्मी से लोगों को राहत मिलने वाली नहीं है। सोमवार को भी दिन में लू चलने की संभावना है। मिली जानकारी के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक लू चलेगी और तेज धूप से लोगों को राहत नहीं मिलेगी। दिन में मौसम साफ रहेगा। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का पूर्वानुमान है।

मौसम विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक अप्रैल से गर्मी और तेज बढ़ेगी। 28 मार्च से 2 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस रहेगा। इन दिनों में मौसम साफ रहेगा। बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। अप्रैल के बाद मई और जून में इनमें बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। हो सकता है कि इस बार गर्मी भी अपने रिकार्ड तोड़ दे।