आगरा में बुजुर्ग पिता ने लगाई गुहार, बार्डर पर 11 दिन से फंसा है बेटा और परिवार, पासपोर्ट बन रहा है समस्या

 

Ukraine Russia War: सुभाष पार्क निवासी मुकेश गुप्ता का फाइल फोटो।

Ukraine Russia War 11 दिन से स्लोवाकिया बार्डर पर फंसा आगरा का परिवार। सुभाष पार्क निवासी मुकेश गुप्ता परिवार के साथ फंसे हैं स्लोवाकिया बार्डर पर। खुद पर है ओवरसीज पासपोर्ट बच्चों पर यूक्रेनी पासपोर्ट बन रहा समस्या।

आगरा,  संवाददाता। पिछले 11 दिनों से सुभाष पार्क, बैंक कालोनी निवासी मुकेश गुप्ता अपने परिवार के साथ स्लोवाकिया बार्डर पर फंसे हैं, लेकिन यूक्रेनी पासपोर्ट होने के कारण उन्हें बार्डर पार करने नहीं दिया जा रहा। ऐसे में परिवार के सामने रहने और खाने का संकट है। उनके बुजुर्ग पिता ने सरकार ने बेटे और उनके परिवार को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई है।

मुकेश गुप्ता के पिता धनश्याम गुप्ता ने बताया कि उनका 50 वर्षीय बेटा मुकेश अपनी 40 वर्षीय पत्नी रीना, 25 वर्षीय बेटे अनावित और 20 वर्षीय बेटी उमा के साथ स्लोवाकिया बार्डर पर फंसे हैं। उनके पास न ज्यादा कपड़े हैं, न संसाधन। अपने कुछ दोस्तों की मदद से वह पिछले 11 दिनों से बार्डर पार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके पास ओवरसीज सिटीजन पासपोर्ट है, जबकि पत्नी और बच्चों के साथ यूक्रेनी पासपोर्ट है। ऐसे में यूक्रेनी सरकार पत्नी और बच्चों की उम्र 18 से कम और 60 से ज्यादा न होने के कारण उन्हें बार्डर पार जाने की अनुमति नहीं दे रही। ऐसे में वह संकट में है क्योंकि उन्हें अपने ही खर्च पर बार्डर पर सीमित मात्रा में उपलब्ध संसाधनों में रुकना पड़ रहा है।

ठंड और हालात बन रहे दिक्कत

पिता धनश्याम गुप्ता ने बताया कि बेटा परिवार के साथ बेहद मुश्किल हालात में हैं। बार्डर पर माइनस चार से पांच डिग्री तापमान है, जो रात में माइनस आठ से 10 तक पहुंच जाता है। उनके पास गर्म कपड़ों, भोजन आदि की कमी है। अपना पैसा खर्च करके उन्हें गुजारा करना पड़ रहा है। ऐसे में वह कब तक समय काट पाएंगे, नहीं पता। जबकि यूक्रेन में युद्ध तेज होने से परिवार की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है।

छोड़कर आना पड़ा कारोबार

मुकेश गुप्ता का यूक्रेन के कीव में क्रूज का बड़ा बिजनेस था, जो उन्होंने पिछले 20 साल में अपनी मेहनत के दम पर खड़ा किया था। अच्छा पैसा, अपना घर और कार, सब सुविधाएं थीं लेकिन युद्ध छिड़ने पर उन्हें सबकुछ छोड़कर आना पड़ा। अब वह पिछले 11 दिन से बार्डर पार करने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें पार जाने नहीं दिया जा रहा।

जिले के तीन लोग फंसे

एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 77 लोगों में अब तक 74 लोगों की वापसी हो चुकी है, जबकि अब सिर्फ तीन ही लोग यूक्रेन में फंसे हैं। इनमें सुभाष पार्क निवासी मुकेश गुप्ता जो स्लोवाकिया बार्डर पर फंसे हैं, जबकि जयपुर हाउस निवासी वैरोनिका धाकरे और उनके पति शिवांक महाजन ओडेसा में फंसे हैं।

वापसी पर किया स्वागत

ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ब्लाक बरौली अहीर स्थित गांव बिझामई निवासी सुनील कुमार की सकुशल घर वापसी हो चुकी है। वह डैनीप्रो से एमबीबीएस कर रहे थे। पिता अशोक चौहान का कहना है कि सरकार के प्रयासों से बेटा रोमानिया के रास्ते सुरक्षित घर लौट चुका है।यह सिर्फ और सिर्फ सरकार के कारण ही संभव हो सका है, हम तो हालात देखकर बहुत घबरा गए थे। बुधवार को उनके घर पर जाकर ब्लाक प्रमुख चौधरी उत्तम सिंह काका, हरीमोहन कुशवाहा, राधेश्याम कुशवाहा, रमाकांत जादौन, सोमवीर सिंह कुशवाहा, रामकिशन कुशवाहा, रघुवीर सिंह जसावत, दुर्ग सिंह, अतुल कुमार आदि उनकी राजी-खुशी पूछी।