पहले भाई के खाते से ठगे पैसे, फिर रकम वापस करने के नाम पर बहन के खाते से उड़ाए 11 लाख, पढ़िए साइबर ठगों की कारस्तानी



पीडि़त की शिकायत पर स्पेशल सेल में दर्ज हुई शिकायत

बहकावे में आ गए और एनी डेस्क एप डाउनलोड कर लिया। कुछ देर में ही उनके खाते से 48000 रुपये निकल गए। इसके बाद रुपये वापस करने के नाम पर आरोपित ने कहा कि उसे एक नेट बैंकिंग युक्त बैंक खाता चाहिए तभी रुपये वापस होंगे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। अशोक विहार में साइबार ठगों ने पहले भाई के खाते से 48 हजार रुपये ठग लिए, फिर उस रकम को वापस करने के नाम पर पीडि़त की बहन के खाते से 11 लाख रुपये उड़ा लिए। पीडि़त की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल यूनिट में धोखाधड़ी, आइटी एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अशोक विहार निवासी सन्नी गांधी को गत वर्ष 31 दिसंबर को केवाइसी कराने के लिए काल आई थी।

वह बहकावे में आ गए और एनी डेस्क एप डाउनलोड कर लिया। कुछ देर में ही उनके खाते से 48000 रुपये निकल गए। इसके बाद रुपये वापस करने के नाम पर आरोपित ने कहा कि उसे एक नेट बैंकिंग युक्त बैंक खाता चाहिए, तभी रुपये वापस होंगे। ऐसे में उन्होंने अपनी बहन का खाता नंबर दे दिया और कान्फ्रेंस काल कर बहन के मोबाइल पर भी एनी डेस्क एप डाउनलोड करवा दिया। कुछ ही देर में बहन के खाते से 11 लाख रुपये निकल गए। इसके बाद आरेपित ने अपना फोन बंद कर लिया।

फोन कर लिए गए थे हैक

पीडि़त के मुताबिक, उनके पास कोई ओटीपी नहीं आया था। आरोपित ने दोनों के फोन हैक कर लिए थे। ठगी का अहसास होने पर घटना वाले दिन ही संबंधित थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में स्पेशल सेल में शिकायत की गई।

इन बातों का रखें ध्यान

- बैंक की ओर से कभी भी आनलाइन केवाइसी नहीं की जाती।

- किसी भी अनजान व्यक्ति की काल यदि बैंक से संबंधित व अन्य वित्तीय जानकारी के लिए हो तो पहले पूरी तरह से जानकारी कर लें, तभी उससे बात करें।

- अपने बैंक से संबंधित जानकारी किसी को भी न दें। विशेष कर केवाइसी आदि को लेकर फोन पर पूछे जाने पर बिलकुल न दें।

- किसी भी प्रकार के लिंक व एप कतई डाउनलोड न करें।

- ठगी होने पर तत्काल संबंधित थाना पुलिस को सूचना दें।