14 साल के दौरान दिल्ली में 10 बार मार्च में सामान्य भी नहीं रही बारिश

 

14 साल के दौरान दिल्ली में 10 बार मार्च में सामान्य भी नहीं रही बारिश

Rain News Update दिल्ली-एनसीआर में इस बार मार्च में भीषण गर्मी पड़ रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में लू चलने से लोगों की हालत खराब है। इस बीच दिल्ली में सात बार औसत से भी काफी कम बारिश दर्ज की गई।

नई दिल्ली surender Aggarwal। इसे जलवायु परिवर्तन का असर कहें या कुछ और.. पिछले 14 साल में 10 बार भी मार्च में बारिश सामान्य नहीं रही। इस मार्च को मिला कर तीन बार राजधानी दिल्ली सूखी ही रही जबकि सात बार औसत से भी काफी कम बारिश दर्ज की गई। बारिश की यह कमी भी मार्च में गर्मी की चुभन बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। जानकारी के मुताबिक मार्च माह में औसत बारिश का आंकड़ा 15.9 मिमी है, लेकिन 2009 से लेकर 2022 तक केवल 2014, 2015, 2016 और 2020 ही ऐसे वर्ष रहे हैं जब दिल्ली में अच्छी बारिश हुई। मार्च 2020 में तो राजधानी में अत्यधिक बारिश का आलटाइम रिकार्ड भी बना। बाकी के सालों में स्थिति बहुत ही दयनीय रही है। 2010, 2018 और 2022 में बारिश ने मार्च से बिल्कुल ही मुंह मोड़ लिया। बीच के सालों में भी बारिश के नाम पर बस खानापूर्ति ही हुई है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश की कमी से गर्मी और तेजी से बढ़ती है। सतह का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है तो आसमान एकदम साफ होने के कारण सूरज की किरणें भी धरती पर सीधे पड़ती हैं। इससे गर्मी भी तेज होने लगती है।

महेश पलावत, उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन), स्काईमेट वेदर) का कहना है कि पिछले दो दशक के दौरान ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का असर तेजी से बढ़ा है। चरम मौसमी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। यही वजह है कि मार्च 2020 में बारिश का आलटाइम रिकार्ड बन गया तो इस साल फिर सूखा पड़ गया। इस साल तो अप्रैल के भी पहले 10 दिनों में बारिश की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही। बारिश होने या न होने में पश्चिमी विक्षोभों की बड़ी भूमिका रहती है, लेकिन अबकी बार एक भी नहीं आया। पश्चिमी विक्षोभों की संख्या भी कहीं न कहीं जलवायु परिवर्तन की वजह से ही घट रही है।