पीएम मोदी ने इस शहर को दी 150 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 33 सीटों की क्षमता और CCTV कैमरा से होगी लैस



पीएम मोदी ने दी पुणे को 150 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात pc- @MEIL_Group

पीएम नरेंद्र मोदी ने पुणे शहर के लोगों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए पुणे शहर को 150 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी है। ये बस सीसीटीवी कैमरा से लैस होगी। इस इलेक्ट्रिक बस में 33 यात्री बैठकर आरामदायक सफर कर सकते हैं।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुणे शहर को बड़ी सौगात दी है। सार्वजनिक परिवहन के लिए नगरवासियों को पीएम मोदी ने ओलेक्ट्रा (OLECTRA) ग्रीन द्वारा तैयार की गई 150 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा समर्पित किया है। इसके अलावा मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान पुणे के बानेर इलाके में एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया। हैदराबाद स्थित ई-बस निर्माता ने एक बयान में कहा कि ओलेक्ट्रा वर्तमान में पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) के लिए शहर में 150 ई-बसों का संचालन करती है।इस इलेक्ट्रिक बस में क्या है खास

इस बस की खासियत की बात करें तो इसमें 12 मीटर वातानुकूलित बसों में 33 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। प्रत्येक सीट के लिए एक आपातकालीन बटन और यूएसबी सॉकेट हैं। ये बस लिथियम-आयन बैटरी से पैक है। यात्री भार की स्थिति के आधार पर ये बस सिंगल चार्ज में लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा करने में सक्षम है। इस बस की बैटरी 3-4 घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है।

पुणे के अलावा इन शहरों में हैं संचालन

पुणे के अलावा कंपनी का अपना बेड़ा सूरत, मुंबई, पुणे, सिलवासा, गोवा, नागपुर, हैदराबाद और देहरादून में संचालित है। जैसा कि कई शहरों में यात्रियों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक है। संबंधित परिवहन संगठन अपने इलेक्ट्रिक बस बेड़े का विस्तार करने के इच्छुक हैं। ये ऑर्गनाइजेशन मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का एक हिस्सा है।

ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक के प्रबंध निदेशक ने कहा
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के वी प्रदीप ने कहा कि ओलेक्ट्रा को पुणे शहर में 150 बसों के मौजूदा बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों के एक और 150 बेड़े को जोड़ने पर गर्व है। ओलेक्ट्रा एक कुशल इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध ह

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