राजधानी में विकसित होंगे 17 सिटी फारेस्ट, बेहतर रखरखाव है बेहद जरूरी

 

बेहतर रखरखाव जरूरी है जिससे इसकी सुंदरता बनी रही।

दिल्ली में ऐसा अक्सर सामने आता है कि पार्कों की दीवार तोड़कर कहीं उसमें अतिक्रमण कर लिया गया है कहीं वाहन खड़े किए जाते हैं या कहीं कूड़ा डाला जाता है। यही नहीं कुछ पार्कों में असामाजिक तत्वों के कारण लोगों का उसमें जाना बंद हो गया है।

नई दिल्ली। राजधानी में 17 सिटी फारेस्ट विकसित करने की दिल्ली सरकार की योजना स्वागतयोग्य है। ये पार्क दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में करीब तीन हजार एकड़ भूमि पर विकसित किए जाएंगे। बुधवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 15 दिन में इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, राजधानी के 16828 पार्कों में से अब तक 6396 को लेकर किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है कि इनमें से 3565 पार्कों का रखरखाव ठीक नहीं है। यह स्थिति अत्यंत निराशाजनक है।

इन सभी पार्कों के सर्वे का काम पूरा कर इनका आरडब्ल्यूए व गैर सरकारी संगठनों की मदद से बेहतर रखरखाव करने और इनमें सुविधाएं मुहैया कराने की दिल्ली सरकार की योजना है। यही नहीं, मुख्यमंत्री पार्क सुंदरीकरण योजना के तहत भी 1500 पार्कों के सुंदरीकरण का काम किया जा रहा है।

दिल्ली में ऐसा अक्सर सामने आता है कि पार्कों की दीवार तोड़कर कहीं उसमें अतिक्रमण कर लिया गया है, कहीं वाहन खड़े किए जाते हैं या कहीं कूड़ा डाला जाता है। यही नहीं, कुछ पार्कों में असामाजिक तत्वों के कारण लोगों का उसमें जाना बंद हो गया है, जिसके कारण उनका ठीक से रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में जहां एक ओर नए पार्क विकसित किए जाने की आवश्यकता है और रखरखाव न हो पाने के कारण उपयोगी नहीं रह गए पार्कों के बेहतर रखरखाव की जरूरत है, वहीं यह भी सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि दिल्ली में जिन भी सरकारी एजेंसियों के पास पार्क हैं, वे अपने अधिकारियों-कर्मचारियों को भेजकर सभी पार्कों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराएं।

पार्कों में किसी तरह का अतिक्रमण होने की स्थिति में उन्हें तुरंत अतिक्रमणमुक्त कराकर उनका बेहतर रखरखाव कराया जाना चाहिए। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी मौजूदा पार्कों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाना और नए पार्क विकसित किया जाना बेहद जरूरी है।