19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव का समापन, रंगकर्मी श्याम कुमार बोले- अपने उद्देश्य में सफल रहे हम

 

19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव का समापन, रंगकर्मी श्याम कुमार बोले- अपने उद्देश्य में सफल रहे हम

19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव के तहत 11 मार्च से 16 मार्च के बीच 10 नाटकों का मंचन हुआ। लोगों ने आनलाइन के जरिये भी प्रस्तुत नाटकों का लुत्फ उठाया। एक रुका हुआ फैसला नाटक के मंचन के साथ नाट्य उत्सव का समापन हुआ।

नई दिल्ली,  डिजिटल डेस्क। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में गिरावट के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में आर्थिक गतिविधियों धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं। इसके साथ ही कला की दुनिया भी धीरे-धीरे अपने पुराने दौर में लौटने की कोशिश में जुट गई है। इसी कड़ी में दिल्ली में 19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव का सफल आयोजन हुआ। इस नाट्य उत्सव के तहत 11 मार्च से 16 मार्च के बीच 10 नाटकों का मंचन हुआ। लोगों ने 2 साल के बाद आनलाइन के जरिये प्रस्तुत नाटकों का लुत्फ उठाया। 16 मार्च को 'एक रुका हुआ फैसला' नाटक के साथ  19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव का समापन हो गया।

यह पूरा नटसम्राट नाट्य उत्सव नरंजन सभागार, विकास मार्ग (दिल्ली) में हुआ, जिसमें 10 अलग-अलग नाटकों की प्रस्तुति हुई। नटसम्राट के निर्देशक श्याम कुमार (Natsamrat director Shyam Kumar) ने बताया कि कोरोना के मुश्किल दौर में रंगमंच को नुकसान हुआ। कलाकार चाहते हुए भी रंगकर्म से दूर रहे, लेकिन इस नाट्य उत्सव के माध्यम से हम अपने उद्देश्य में सफल रहे।

इसके साथ ही रंगकर्मी श्याम कुमार का यह भी कहना है कि उनका यह नटसम्राट नाट्य उत्सव आयोजित करने का उद्देश्य यह था कि दर्शकों को एक ही मंच पर इतने नाटक देखने को मिले और साथ ही कोरोना के चलते सभी के मन में एक उदासी है, उसे कुछ पल के लिए तोड़कर हम उनका मन मस्तिष्क प्रफुल्लित कर सकें।

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इस नाट्य उत्सव में चंद्रशेखर शर्मा, विश्व दीपक त्रिखा, श्याम कुमार, राजेश तिवारी, अशरफ़ अली, सुनील चौहान व वरुण शर्मा के नाटक खेले गए। इस नाट्य उत्सव को दर्शकों के लिए निःशुल्क रखा गया था। इसके साथ ही जो लोग सभागार तक नहीं पहुंच सकते थे उन दर्शकों के लिए सारे नाटकों का सीधा प्रसारण फेसबुक द्वारा किया गया। पूरे नाट्य उत्सव को दर्शकों ने देखा और बहुत सराहा। बड़ी संख्या में लोगों ने फेसबुक लाइव के जरिये भी नाटकों को मंचन देखा।

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19वें नटसम्राट नाट्य उत्सव में इन नाटकों का हुआ मंचन

  • एक रुका हुआ फैसला
  • गधे की बरात
  •  कमबख़्त इश्क़
  • जांच-पड़ताल
  • चरणदास चोर
  • आधे-अधूरे
  • दिग्दर्शक
  • शिकस्त बूतों के दरमियां
  • चुहल

गौरतलब है कि नटसम्राट ने अपनी शुरुआत 1998 में की थी और तब से लेकर अब तक नटसम्राट में लगभग 45 नाटकों के 1500 से अधिक नाटकों का मंचन देश-विदेश में किए हैं।