ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में आगे हैं दिल्लीवाले, 2021 में 71 लाख से ज्यादा हुए चालान

 

दिल्ली में 2021 में 71,89,824 चालान हुए (फाइल फोटो)

देश की राजधानी दिल्ली के लोग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में सबसे आगे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 2021 में दिल्ली में सबसे अधिक 7189824 चालान हुए। उसके बाद तमिलनाडु (3626037) और केरल (1741932) में चालान काटे गए।

नई दिल्ली, प्रेट्र। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि अधिकारियों ने 2021 में देशभर में यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए 1,898.73 करोड़ रुपये के 1.98 करोड़ से अधिक चालान जारी किए।

एक लिखित उत्तर में गडकरी ने कहा कि सरकार के केंद्रीकृत डाटाबेस के अनुसार, 2021 में रोड रेज और तेज रफ्तार ड्राइविंग के 2,15,328 मामले सामने आए। दिल्ली में सबसे अधिक 71,89,824 चालान हुए। उसके बाद तमिलनाडु (36,26,037) और केरल (17,41,932) में चालान काटे गए। गडकरी ने कहा कि अधिकारियों ने एक जनवरी से 15 मार्च 2022 के बीच देशभर में यातायात उल्लंघन के लिए 417 करोड़ रुपये के 40 लाख से अधिक चालान जारी किए हैं।

जल शक्ति राज्यमंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने लोकसभा में कहा कि करीब 30,000 ग्रामीण बस्तियों के पीने के पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड समेत कई प्रदूषक तत्व शामिल हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 29,517 ग्रामीण बस्तियों में 17 मार्च तक पेयजल स्त्रोतों में गुणवत्ता से जुड़ी समस्या की सूचना मिली है।

सेटेलाइट लांचर बनाने की इच्छुक हैं अदाणी इंटरप्राइजेज, एलएंडटी

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड और एलएंडटी सरकार द्वारा संचालित उद्यमों के उस समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने उपग्रहों को लांच करने के लिए पीएसएलवी के निर्माण में रुचि दिखाई है। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआइएल) ने भारतीय उद्योगों से पांच पीएसएलवी बनाने की बोली आमंत्रित की है। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड अंतरिक्ष विभाग के तहत एक कंपनी है।

ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के लिए 36,000 करोड़ के निवेश की योजना

नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री वीके सिंह ने लोकसभा में कहा कि सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) के तहत ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के सामने विमान ईधन पर भारी टैक्स और महंगी यात्रा के प्रति ग्राहकों की संवेदनशीलता प्रमुख चुनौतियां हैं।