21 हजार रुपये है सैलरी तो जरूर जानिए, आपको कैसे मिलता है इस बीमा का फायदा

 


ESIC बीमा का फायदा लिया है आपने। (Pti)

ESI में कर्मचारी का बीमा नंबर तब तक वही रहता है जब तक वह ईएसआईसी वेतन सीमा के भीतर है। नौकरी बदलने से किसी कर्मचारी का बीमा कवर प्रभावित नहीं होता और उसका बीमा नंबर वही बना रहता है।

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees State Insurance) का फायदा 8.28 करोड़ से ज्‍यादा लोगों को मिल रहा है। हालांकि कम ही लोग इस स्‍कीम से वाकिफ है, लेकिन यह बेहद काम की योजना है। इसके तहत पहले दिन से बीमा कवरेज मिलता है। ESI अस्‍पतालों के जरिए आप ESI योजना के तहतअपना इलाज करा सकते हैं।

क्‍या है ESI योजना

यह योजना कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत सामाजिक सुरक्षा बीमा का उपाय है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत यह स्‍कीम कर्मचारियों को बीमारी, मातृत्व लाभ, विकलांगता और रोजगार के दौरान चोट के कारण मृत्यु की घटना से कवरेज देती है। ईएसआई योजना कारखानों और दूसरे प्रतिष्ठानों पर लागू होती है, जहां कारीगरों की संख्‍या 10 या उससे अधिक है। हालांकि कुछ जगह यह संख्‍या 20 है। इसमें सड़क परिवहन, होटल, रेस्‍त्रां, सिनेमा, समाचार पत्र, दुकानें, और शैक्षिक / चिकित्सा संस्थान शामिल हैं।कौन है हकदार

ESI के तहत कारखानों और प्रतिष्ठानों के कर्मचारी, जो एक महीने में 21000 रुपये तक कमाते हैं, वे ईएसआई अधिनियम के तहत सामाजिक सुरक्षा कवर के हकदार हैं। ईएसआई निगम ने ईएसआई अधिनियम के तहत कर्मचारियों के कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दिया था।

अप्रैल 2015 से मिल रहा फायदा

ईएसआई योजना के तहत निर्माण स्थलों पर तैनात श्रमिकों को भी ईएसआई योजना का लाभ 1 अप्रैल 2015 से दिया जा रहा है। ईएसआई योजना की नियोक्ताओं और कर्मचारियों के योगदान से फंडिग होती है। नियोक्ता द्वारा योगदान की दर कर्मचारियों को देय वेतन का 4.75% है। कर्मचारियों का अंशदान कर्मचारी को देय वेतन के 1.75 प्रतिशत की दर से होता है। 

कहां काम कर रही योजना

यह योजना फिलवक्‍त 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 843 से ज्‍यादा केंद्रों पर लागू है। इसके तहत अब तक कुल लाभार्थी 8.28 करोड़ से ज्‍यादा हो गए हैं ।