28 मार्च को नाहन में प्रदर्शन करेंगे भारतीय ट्रेड यूनियनों व स्वतंत्र फेडरेशनों के मजदूर कर्मचारी

 

स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर 28 मार्च को जिला सिरमौर में भी आम हड़ताल की जाएगी।

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों व स्वतन्त्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर 28 मार्च को जिला सिरमौर में भी आम हड़ताल की जाएगी। जिसमें हजारों अलग अलग सेक्टर मे मजदूर व कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। सैंकड़ों मजदूर व कर्मचारी नाहन मे केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ रैली प्रदर्शन करेंगे।

नाहन,संवाददाता। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों व स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर 28 मार्च को जिला सिरमौर में भी आम हड़ताल की जाएगी। जिसमें हजारों अलग अलग सेक्टर मे मजदूर व कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। वहीं सैंकड़ों मजदूर व कर्मचारी नाहन मे केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ रैली प्रदर्शन करेंगे। जिला सिरमौर सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित 4 लेबर कोड को निरस्त किया जाय। कृषि उत्पाद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून लाया जाए। सभी स्कीम वर्कर्स को पक्का किया जाए तथा पेंशन दी जाय। साथ ही न्यूनतम वेतन को उपभोक्ता सूचकांक मूल्य से जोड़कर 21000 मासिक किया जाए। सरकारी संपतियों बैंक, बीमा, बिजली, रेल, रक्षा, कोयला, बीएसएनएल, एमटीएनएल, फर्टिलाइजर, वायुसेवाएं, राष्ट्रीय उच्च मार्ग, शिक्षा व स्वास्थ्य आदि को बेचना बंद करे केंद्र सरकार।

देश के सरकारी क्षेत्र को मजबूत किया जाए, महंगाई व बेरोजगारी को जनहित में कम किया जाए। सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जाए, नया सड़क सुरक्षा कानून वापिस लिया जाए। काम के 12 घंटे करने का फ़ैसला वापिस लिया जाए, माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले समान काम का समान वेतन को लागू किया जाए सहित अन्य मांगों को लेकर देश भर में करोड़ों मज़दूर हड़ताल करेंगे। सीटू लंबे समय से इन मांगों को लेकर लगातार संघर्ष में रहा है तथा सरकारों की नवउदारवाद की आर्थिक नीतियों का पुरजोर विरोध करता आया है। क्योंकि निजीकरण, ठेका, आउटसोर्स, अंशकालीन, फिक्स टर्म, पेंशन बंद सभी कार्य नवउदारवाद की आर्थिक नीतियों का नतीज़ा है। इसलिए नीति व नीति के पीछे राजनीति को समझना होगा। जिसकी आज प्रत्येक आदमी को समझने की आवश्यकता है।

सीटू जिला सिरमौर कमेटी इस बात पर चिंता जाहिर करती है की मज़दूर कर्मचारी अपने कानूनी अधिकारों को लेकर हड़ताल मे जा रहे है। मगर सरकारी विभागों मे कुछ सरकार के चहेते मजदूरों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसा करने की स्थिति में सरकारी विभागों में राजनीति करने वालो के खिलाफ़ मोर्चा खोला जायगा। जिसका खामियाजा भुगतने के लिए वो तैयार रहे। 28 मार्च को आंगनवाड़ी, मिड डे मील तथा अन्य कई तरह के काम बंद रहेंगे।