दिल्ली और राजस्थान के बीच चली सुपरफास्ट ट्रेन, 3 राज्यों के 15 से अधिक शहरों के लोगों को होगा लाभ

 

दिल्ली और राजस्थान के बीच चली सुपरफास्ट ट्रेन, 3 राज्यों के 15 से अधिक शहरों के लोगों को होगा लाभ

Indian Railway पुरानी दिल्ली-बाड़मेर सुपरफास्ट ट्रेन (20487/20488) ट्रेन के सप्ताह में दो दिन चलने से देश की राजधानी दिल्ली के अलावा हरियाणा और राजस्थान के दर्जनभर शहरों के लोगों को सीधे फायदा होगा। ट्रेन मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी।

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में पुरानी दिल्ली-बाड़मेर सुपरफास्ट ट्रेन (20487/20488) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक डिम्पी गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बाड़मेर के लिए शुरू की गई नई ट्रेन पुरानी दिल्ली से प्रत्येक शुक्रवार और मंगलवार को अपराह्न 03.40 बजे चलेगी। अगले दिन सुबह साढ़े छह बजे यह ट्रेन बाड़मेर पहुंचेगी।

वहीं, वापसी दिशा में यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को रात्रि 09.40 बजे बाड़मेर से प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 12.35 बजे पुरानी दिल्ली पहुंचेगी। रास्ते में यह उतरलाई, बालोतरा, समदड़ी, लूनी, जोधपुर, मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, दौसा, अलवर, रेवाड़ी, गुरुग्राम तथा दिल्ली छावनी स्टेशनों पर रुकेगी। उधर, रेलवे से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि पिछले काफी समय से बाड़मेर के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग हो रही थी। इसके चलने से दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा के यात्रियों को लाभ होगा।

नोट करें यह जरूरी जानकारी

गाड़ी संख्या 20488 पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को दोपहर 3.40 बजे बाड़मेर के लिए चलेगी. ट्रेन रात 8.50 बजे जयपुर जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में फिर यहां से बाड़मेर के लिए रात 9 बजे चलेगी जो अगले दिन सुबह 6.40 बजे पहुंचेगी।

 दिल्ली मंडल के 55 ट्रेनों में शुरू होगी तौलिये और चद्दर देने की सेवा

उधर, आगामी कुछ दिनों में ट्रेनों में सफर के दौरान लोगों को चद्दर देना शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, राजधानी व हमसफर सहित दिल्ली मंडल की 55 ट्रेनों में कोरोना काल से पहले वातानुकूलित कोच के यात्रियों को कंबल, चादर आदि दिए जाते थे। इन ट्रेनों में यात्रा करने वालों को फिर से यह सेवा शुरू होने का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा को शुरू करने के लिए कंबल, चादर आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। ट्रेनों में इनके सही तरह से वितरण और इनकी सफाई के लिए लांड्री को फिर से शुरू करने का काम चल रहा है। अगले कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद यात्रियों की परेशानी दूर हो जाएगी।