बिहार दिवस समारोह में शामिल 300 बच्चों के बीमार होने का मामला गरमाया, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

 

मंत्री विजय कुमार चौधरी और अस्पताल में बीमार बच्चे।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार दिवस समारोह में बीमार हुए सभी बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। मंत्री ने कहा कि मामले को लेकर मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पटना/एएनआइ। पटना के गांधी में आयोजित बिहार दिवस समारोह में शामिल 300 से अधिक बच्चे बीमार हो गए थे। कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों में कमजोरी, चक्कर आना, सिर व शरीर दर्द, बुखार, उल्टी एवं दस्त की शिकायत मिली थी। बुधवार शाम को कुछ बच्चे बीमार हुए जिनकी संख्या गुरुवार को सैकड़ों में पहुंच गई। घटना के बाद गांधी मैदान में बने अस्थायी अस्पताल में 157 बच्चों का पंजीयन कराकर इलाज कराया गया। बच्चे कैसे बीमार पड़े? यह अभी साफ नहीं हो सका है। शुक्रवार को मामले ने तूल पकड़ लिया है। मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सभी बच्चे स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। अब कोई अस्पताल में भर्ती नहीं है। मंत्री ने कहा कि मामले को लेकर मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शाम को नाश्ते में दिया गया था खाजा-गाजा

बच्चों ने कहा कि बुधवार शाम को नाश्ते में खाजा-गाजा दिया गया है। खाने के बाद से कमजोरी, उल्टी और चक्कर आने लगा। इधर, जिन बच्चों ने बुधवार की रात पनीर और चने की दाल की सब्जी खाई उनकी हालत गुरुवार की सुबह बिगड़ी। इतना ही नहीं, पानी पीकर भी कुछ बच्चों ने अस्वस्थ होने की बात कही। टैंकर में भरा पानी बोतलों में भरकर बच्चों को दिया गया था।

खराब खाने की थी शिकायत

बच्चों के सोने के लिए जमीन पर व्यवस्था की गई थी। वहां के पंखे भी खराब होने की शिकायत मिली थी। बच्चों ने बताया कि परीक्षा के नाम पर उन्हें सुबह तीन बजे जगा दिया गया था। नाश्ते में चावल, भुजिया, सलाद, पापड़ पूरी-सब्जी, दोपहर में दाल, और मिठाई दी गई थी। सलाद खुले में गर्मी में रखने के कारण सड़ा जैसा लग रहा था। बच्चों के बीमार होने पर पीएमसीएच एसीएमओ डा. अविनाश कुमार सिंह ने कहा था कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का नहीं है। गलत खानपान, गर्मी और अशुद्ध पानी के अलावा नींद पूरी नहीं होने से पाचन तंत्र गड़बड़ाया है। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी बिहार शिक्षा परियोजना किरण कुमारी ने कहा था कि गर्मी के कारण कुछ बच्चों की तबीयत खराब हुई है।