लखनऊ एयरपोर्ट पर 30 हेलीकाप्टर और चार्टर्ड प्लेन से आएंगे वीआइपी मेहमान, जानिए किन विमानों पर पड़ेगा प्रभाव

 

लखनऊ एयरपोर्ट पर 30 हेलीकाप्टर और चार्टर प्लेन से आएंगे मेहमान।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए वीआइपी मेहमान चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर करीब 30 हेलीकाप्टर व चार्टर्ड प्‍लेन से लखनऊ पहुंच रहे हैं। इस दौरान 20 मिनट तक विमानों की उड़ान और लैंडिंग पर प्रभाव पड़ेगा।

लखनऊ, संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए देश भर से कई वीआइपी मेहमान शुक्रवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी शुक्रवार को खासी चहल पहल होगी। करीब 30 वीआइपी मेहमान अपने हेलीकाप्टर व चार्टर्ड प्‍लेन से लखनऊ पहुंच रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लखनऊ पहुंचेंगे। उनके विमान के लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने से 20 मिनट पहले विमानों के उड़ान भरने पर रोक होगी। इसी तरह प्रधानमंत्री के विमान के उतरने के 20 मिनट पहले यहां किसी भी विमान की लैंडिंग भी नहीं की जा सकेगी।

एटीसी ने इसे लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं एयरपोर्ट पर वाहनों से आने वाले यात्रियों को कुछ देर पहले आना होगा। यहां पहली दो लाइनों पर वीआइपी मेहमानों को लेने आने वाले एस्कार्ट और अधिकारियों के वाहन होंगे। तीसरी लाइन में यात्रियों के वाहनों के पहुंचने की अनुमति होगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हेलीकाप्टर के लिए शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर हेलीपैड बनाया गया है। बुधवार को यहां हेलीकाप्टरों ट्रायल करने पर चारों तरफ धूल का गुबार नजर आया था। हेलीकाप्टरों के उतरने और उड़ान भरने के समय धूल न उड़े, इसके लिए लंबा मंथन चला। पानी का छिड़काव करने से भी कोई लाभ नहीं मिला, क्योंकि गर्मी से पानी सूख जा रहा था।

प्रधानमंत्री के आगमन से पहले वहां टैंकरों से पानी का छिड़काव कराना सुरक्षा कारणों से उचित नहीं था। लिहाजा, तय किया गया कि अगर हेलीपैडों के चारों तरफ गोबर की लिपाई कर दी जाए तो धूल को रोका जा सकता है। ऊपर से हरी झंडी मिलने के साथ ही नगर निगम के नादरगंज में बने कान्हा उपवन से वाहनों पर लादकर गोबर मंगवाया गया। बुधवार से ही हेलीपैड के चारों तरफ 35 मीटर दायरे में गोबर की लिपाई कराई जाने लगी। काम जल्द पूरा हो चुका है। इसके लिए 150 मजदूरों को लगाया गया था।