पाकिस्‍तान में आतंकी घटनाओं में 35 फीसद का इजाफा, बिलावल बोले- पीएम इमरान खान की गलत नीतियों की बदौलत बढ़ा आतंकवाद

 

बिलावल ने की इमरान की नीतियों की आलोचना

पीपीपी के अध्‍यक्ष बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री इमरान खान पर आरोप लगाया है कि उनकी गलत नीतियों की बदौलत देश में आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ है। पाकिस्‍तान सरकार के मुताबिक हाल के कुछ माह में आतंकी घटनाएं करीब 35 फीसद बढ़ी हैं।

इस्लामाबाद (एएनआई)। पाकिस्‍तान का लगभग समूचा विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ एकजुट हो रखा है। पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी के अध्‍यक्ष बिलावल भुट्टो ने इमरान खान की आलोचना करते हुए कहा है कि उनकी गलत नीतियों की बदौलत ही देश में आतंकवाद में इजाफा हुआ है। उन्‍होंने देश में घटी हाल की आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वजह पीएम की गलत नीतियां ही रही हैं। बिलावल ने कहा कि आतंकवाद की आग देश के चुने गए पीएम की बदौलत ही बढ़ी है। उन्‍होंने ये बात शनिवार को पंजाब के ओकारा में इमरान सरकार के खिलाफ हुई रैली के दौरान कही। उन्‍होंने कहा कि बलूचिस्‍तान और पेशावर में हुए बम धमके उनकी ही गलत नीतियों की देन है।

बिलावल ने कहा कि जब से देश में पाकिस्‍तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की सरकार बनी है तभी से ही आतंकवाद और आतंकी घटनाओं में तेजी भी आई है। उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वो सरकार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखें। उन्‍होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी इमरान खान के खिलाफ जीत मिलने तक अपना संघर्ष खत्‍म नहीं करने वाली है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि इमरान खान ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था को बर्बाद कर रख दिया है। हर कोई जानता है कि इसके पीछे देश के पीएम इमरान खान ही हैं।

गौरतलब है कि देश में सुरक्षा के हालातों पर चिंता जताने के एक दिन बाद ही पेशावर में जबरदस्‍त धमाका हुआ था जिसमें साठ से अधिक लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि ये शिया समुदाय को निशाना बनाकर किया गया एक आत्‍मघाती हमला था। इससे पहले पाकिस्‍तान के आतंरिक मंत्री शेख राशिद ने कहा कि देश में बीते कुछ माह के दौरान आतंकी हमलों के मामलों में करीब 35 फीसद का इजाफा हुआ है।

पाकिस्‍तान के इंस्टिट्यूट आफ पीस स्‍टडीज के मुताबिक अफगानिस्‍तान की नई सरकार इस संबंध में पाकिस्‍तान की कोई मदद नहीं कर रही है। पीआईपीएस का कहना है कि अफगानिस्‍तान की सरकार वहां पर मौजूद आतंकी संगठन जो पाकिस्‍तान के लिए खतरा बने हुए हैं उनसे बातचीत करने या करवाने में भी पाकिस्‍तान की कोई मदद नहीं कर रही है।