जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितने बाहरी लोगों ने वहां खरीदी संपत्ति, केंद्र सरकार ने संसद में दी जानकारी

 



सदन में जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (फाइल फोटो)

बसपा के सांसद ने लोकसभा में पूछा कि क्या गृह मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोगों की संख्या जिन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति खरीदी है। इस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने सदन में जवाब दिया।

नई दिल्ली, एएनआइ। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितने बाहरी लोगों ने वहां संपत्ति खरीदी है, इसकी जानकारी आज संसद में दी गई है। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि जम्मू -कश्मीर के बाहर के 34 लोगों ने तत्कालीन राज्य से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में संपत्ति खरीदी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता हाजी फजलुर रहमान के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की है।

केंद्र शासित प्रदेश के इन जिलों में हैं बाहरी लोगों द्वारा खरीदी गई संपत्ति

यह पूछे जाने पर कि क्या गृह मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोगों की संख्या जिन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति खरीदी है। इस पर मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार राज्य के बाहर के 34 लोगों ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति खरीदी है। साथ ही मंत्री ने यह भी बताया कि ये सभी संपत्तियां जम्मू, रियासी, उधमपुर और गांदरबल जिलों में स्थित हैं।

पहले केवल स्थायी निवासी ही खरीद सकता था जमीन

बता दें कि 5 अगस्त 2019 से पहले जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त नहीं किया गया था, तत्कालीन राज्य को विशेष दर्जा प्राप्त था और केवल स्थायी निवासी ही वहां जमीन और संपत्ति खरीद सकते थे। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। जम्मू- कश्मीर को केंद्र शासित और लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित राज्य का दर्जा दिया गया है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में भूमि और संपत्तियों की खरीद के कानूनों में बदलाव किया और उसके बाद नए भूमि खरीद कानून बनाए गए।