स्टूडेंट्स ने 400 रुपये में बनाया देसी फ्रिज, किसानों की बढ़ाएगा आय

 

वेजीरेटर को बनाने में मात्र 400 रुपये तक का खर्च

कहा जाता है कि आवश्‍यकता ही आविष्‍कार की जननी होती है। सब्जियों को सुरक्षित रखने की किसानों की आवश्‍यकता को ध्‍यान में रखकर कुछ छात्रों ने एक ऐसे फ्रीज का आविष्‍कार किया है जो बिना बिजली के काम करता है।

नई दिल्ली। देश के दूर-दराज के गांवों में किसानों के लिए अपनी सब्जियों या अन्य उपज को कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचा पाना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में अगर एक दिन में सब्जी नहीं बिकी तो उपज की अच्छी कीमत मिलना मुश्किल हो जाता है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए पश्चिम बंगाल के हुबली स्थित बिजॉय नारायण महाविद्यालय के कुछ छात्रों ने वेजीरेटर नाम से एक देसी फ्रिज बनाया है। इसमें सब्जियों को पांच दिनों तक तरोताजा रखा जा सकता है। उनके इस प्रोडक्ट को छोटे एवं जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाने में डब्लूडब्लूएफ इंडिया उनकी मदद कर रहा है।

इन छात्रों की टीम के एक सदस्य शुभोदीप के मुताबिक इस वेजीरेटर को बनाने में मात्र 400 रुपये तक का खर्च आता है। खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए गांव में आसानी से मिलने वाली चीजों का ही इस्तेमाल किया जाता है। वह बताते हैं कि प्रमुख बात यह भी है कि इसमें खाने की क्वालिटी पर भी कोई असर नहीं पड़ता है और पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होता है।

ऐसे बनता है वेजीरेटर

उन्होंने बताया कि इस वेजीरेटर को बनाने के लिए सबसे पहले बांस के टुकड़ों से एक ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद उसके ऊपर चिकनी मिट्टी की एक परत लगाई जाती है। अंदर के हिस्से में बालू लगाई जाती है जिसे पानी से गीला कर दिया जाता है। ऐसे में इस वेजीरेटर के अंदर बाहर की तुलना में काफी कम हो जाता है जिससे इसमें सब्जियां रखने पर अगले तीन से पांच दिनों तक ताजी बनी रहती है। कहीं पर अगर बहुत ज्यादा गर्मी होती हो तो इस वेजीनेटर के बाहरी हिस्से में पुआल लगा दी जाती है। इससे सूरज की गर्मी इसके अंदर नहीं जा पाती है। ये वेजीरेटर पूरी तरह से प्राकृतिक है। इसमें न तो बिजली का इस्तेमाल होता है और न किसी गैस का प्रयोग किया जाता है। जल्द ही हम अपने इस वेजीनेटर को आम किसानों तक पहुंचाने के लिए तेजी से काम करेंग

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