45 मिनट तक बाधित रहा दिल्ली-मुरादाबाद रेलमार्ग, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों ने किया हंगामा

 

45 मिनट तक बाधित रहा दिल्ली-मुरादाबाद रेलमार्ग, हापुड़ में ट्रेन यात्रियों ने किया हंगामा

ईंटों से भरा ट्रक रेल पटरी के मध्य आने से 45 मिनट तक दिल्ली- मुरादाबाद रेलमार्ग बाधित रहा। इस दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण लोग दफ्तर भी देरी से पहुंचे।

नई दिल्ली/हापुड़A.k.Aggarwal । राजधानी दिल्ली से सटे हापुड़ जिले के पिलखुवा रेलवे स्टेशन के अधीन परतापुर फाटक पर बृहस्पतिवार सुबह लगभग छह बजे ईंटों से भरा ट्रक रेल पटरी के बीचोबीच खराब हो गया। इसके चलते लगभग 45 मिनट तक दिल्ली- मुरादाबाद रेलमार्ग बाधित रहा। इस दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण लोग दफ्तर भी देरी से पहुंचे, खासतौर से दैनिक यात्री। इस परेशानी के कारण हापुड़ में दैनिक यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और रेलवे के खिलाफ नारे भी लगाए। वहीं, पिलखुवा में रेलवे ट्रैक के बीच ट्रक के आने के कारण क्रेन के जरिए ट्रक को मौके से हटाया गया। सात बजकर आठ मिनट पर रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। ट्रक को कब्जे में लेकर जीआरपी जांच कर रही है। वहीं, इसके चलते लोगों को खूब परेशानी हुई।

पिलखुवा रेलवे स्टेशन मास्टर चंदन कुमार के मुताबिक, मोदीनगर की तरफ से ईंटों से भरा ट्रक सुबह हाईवे- 9 की ओर जा रहा था। परतापुर रेलवे फाटक पर ट्रक अचानक खराब हो गया। इसी दौरान हरिद्वार से चलकर दिल्ली जाने वाली मसूरी एक्सप्रेस आ रही थी। आनन-फानन में ट्रेन को फाटक से पहले रोका गया। फाटक कीपर ने मामले की सूचना स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को दी।

वहीं, स्टेशन मास्टर के मुताबिक फाटक पर ट्रक के खराब होने के कारण बुलंदशहर-दिल्ली शटल, मसूरी एक्सप्रेस सहित लगभग 12 ट्रेनें हापुड़ सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर रुकी रही। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर दैनिक यात्रियों ने हंगामा किया। रेलवे पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह मामला शांत कराया।

इस घटना के बाबत स्टेशन मास्टर ने बताया कि एनएचएआइ की क्रेन बुलाकर ट्रक को पटरी से हटाया गया। सात बजकर आठ मिनट पर रेलमार्ग दुरुस्त हो पाया। इसके बाद ट्रेनों को आगवामन शुरू हो सका हैं। लगभग 45 मिनट ट्रेनों के आवागमन बाधित होने से दैनिक यात्रियों सहित दूरदराज की ट्रेनों में सवार मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।