सुशील मोदी बोले, क्रिप्टोकरेंसी पर और टैक्स बढ़ाने की जरूरत; जापान, जर्मनी और आस्ट्रेलिया में 55 फीसद तक हैं टैक्स की दरें

 

कमोडिटी, संपत्ति, वस्तु और सेवा के दायरे में नहीं आती क्रिप्टोकरेंसी

क्रिप्टोकरेंसी की चर्चा करते हुए मोदी ने वित्त मंत्री सीतारमन से आग्रह किया कि बजट प्रस्तावों में 30 फीसद के टैक्स का प्रावधान जरूर किया गया है लेकिन आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जा सकता है।

ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा नेता सुशील मोदी ने राज्यसभा में सोमवार को क्रिप्टोकरेंसी पर मौजूदा 30 फीसद के टैक्स रेट को और बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह किसी जुआ से कम नहीं है। इसीलिए जापान, जर्मनी और आस्ट्रेलिया ने इस पर 55 फीसद तक का टैक्स लगा रखा है। राज्यसभा में विनियोग विधेयक-2022 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा सदस्य मोदी क्रिप्टोकरेंसी के कुप्रभावों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा। सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से उन्होंने देश में चल रहे आन लाइन गेमिंग और डिजिटल लेंडिंग, सोशल मीडिया और एडटेक के रेगुलेशन के दायरे में लाने का भी आग्रह किया।

सदन में विनियोग विधेयक पर आज चर्चा पूरी नहीं हो सकी। कुल 15 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया। विधेयक पर मंगलवार को चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी, जिसके बाद विधेयक लोकसभा को लौटाया जाएगा। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। आज की चर्चा में विपक्षी सदस्यों ने जहां बजट प्रस्तावों की आलोचना करते हुए महंगाई और रोजगार का मुद्दा उठाया, वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने बजट प्राविधानों को जमकर सराहा और सकारात्मक सुझाव दिया।

इसका कोई आंतरिक मूल्य तक नहीं

इनफारमेशन टेक्नोलाजी एक्ट को बीस साल पुराना बताते हुए मोदी ने वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इसके मौजूदा स्वरुप को बदलने की मांग भी रखी। क्रिप्टोकरेंसी की चर्चा करते हुए मोदी ने वित्त मंत्री सीतारमन से आग्रह किया कि बजट प्रस्तावों में 30 फीसद के टैक्स का प्रावधान जरूर किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी न तो कमोडिटी, न संपत्ति, न वस्तु और न ही कोई सेवा है। इसका कोई आंतरिक मूल्य तक नहीं है। यह न किसी कंपनी का शेयर है और न इसका कोई स्टाक मार्केट है। यह विशुद्ध जुआ, लाटरी और हार्स रेसिंग से कम नहीं है।

जीएसटी काउंसिल से इसकी दरों को और बढ़ाने की जरूरत

मोदी ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री करने वाले एक्सचेंज पर केवल 18 फीसद का जीएसटी लगा है जो किसी सेवा प्रदाता पर लगता है। उन्होंने जीएसटी काउंसिल से इसकी दरों को और बढ़ाने की जरूरत बताई। भाजपा सांसद ने अंदेशा जताया कि एक अप्रैल के बाद देश से क्रिप्टोकरेंसी के रूप में देश से आठ बिलियन डालर की संपत्ति देश के बाहर जा सकता है। जबकि फैंटेसी गेमिंग इंडस्ट्री का आकार 2.8 बिलियन डॉलर मूल्य पहुंच गया है, जिसके रेगुलेशन की तत्काल आवश्यकता है। फिलहाल 40 से अधिक डिजिटल लेंडिंग ऐप्स चलाने वाले चीनी नागरिक हैं।