दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान, सभी 70 विधायकों को दिए जाएंगे आइ पैड

 

Delhi Budget 2022: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान, सभी विधायकों को दिए जाएंगे आइ पैड

Delhi Budget 2022 विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन में विधायकों के समय पर नहीं पहुंचने पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने चिंता जताई। इसके साथ ही समय पर सदन में पहुंचने की हिदायत भी दी।

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। दिल्ली विधानसभा में बजट 2022 का सत्र जारी है। दिल्ली विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन कोरम पूरा न होने के कारण 5 मिनट देर से सदन की कार्यवाही शुरू हो पाई। इस पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सदन में विधायकों के समय पर नहीं पहुंचने पर चिंता भी जताई। उन्होंने शिकायती अंदाज में याद दिलाया कि बुधवार को भी सदन की कार्यवाही के दौरान कुल 12 विधायक अनुपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने इसे खामी पर कहा कि सभी सदस्य इसे गंभीरता से लें और सदन की कार्यवाही में समय से आएं। इस मौके पर बृहस्पतिवार को सदन की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही स्पीकर ने घोषणा की है कि सभी विधायकों को आइ पैड दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रश्नकाल की शुरुआत हो चुकी है।

वहीं, इससे पहले बुधवार को दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल के अभिभाषण से शुरू हुआ। इस दौरान सरकार के कामों का लेखा-जोखा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार विकास और नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020 -21 के दौरान कोरोना महामारी से आर्थिक विकास बाधित हुआ और वित्त वर्ष 2021-22 में दिल्ली की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 9,23,967 करोड़ रुपये दर्ज की गई। बावजूद इसके 2016-17 की तुलना में पिछले पांच वर्ष के दौरान इसमें 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में दिल्ली की अनुमानित प्रति व्यक्ति आय 4,01,982 रुपये रही है, जो राष्ट्रीय औसत की तुलना में तीन गुना अधिक है।

उपराज्यपाल ने कहा कि महामारी के बावजूद सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं का परिणाम बेहतर रहा। यहां के सरकारी स्कूलों के 496 बच्चों ने नीट और 344 बच्चों ने आइआइटी जेईई में सफलता प्राप्त की। स्कूल आफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस की शुरुआत की गई है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा मिलनी चाहिए।

उपराज्यपाल ने सदन में बताया कि महामारी में दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर अच्छा काम किया। 18 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी के 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को कोरोनारोधी टीका लग चुका है। बाकी काम भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में सरकार ने लोगों के लिए हेल्थ कार्ड की सुविधा शुरू की, वहीं कोविड के दौरान जिन लोगों की मौत हुई, उनकी आर्थिक सहायता भी की जा रही है। कोरोना के बावजूद किसी भी सुविधा में सरकार ने कटौती नहीं की, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की हर संभव वित्तीय मदद की।

अनिल बैजल ने कहा कि सभी स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम की शुरुआत बच्चों में देशप्रेम जगाने के उद्देश्य से की गई है। नौवीं से 12वीं के बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए मेंटोर कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। टीचर्स यूनिवर्सिटी के लिए बिल पारित हो चुका है। अनुसंधान और विकास के लिए शैक्षणिक संस्थानों को अनुदान मिल रहा है। कम आयु के संसाधन हीन बच्चों के लिए आवासीय स्कूल खोलने का फैसला हुआ है। जन स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को निश्शुल्क दवाएं दी जा रही हैं। दिल्ली में बिजली की दरें पड़ोसी राज्यों की तुलना में सबसे कम हैं।

यमुना की सफाई के लिए इंटरसेप्टर प्रोजेक्ट का काम भी गिनाया

बैजल ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए इंटरसेप्टर प्रोजेक्ट का काम पूरा होने वाला है। इसके अलावा डीएमआरसी ने ई-बसों की खरीद की प्रकिया शुरू की है। 25 बसें 10 रूटों पर चल रही हैं, जबकि 75 बसें आनी है। चांदनी चौक पुनर्विकास योजना का काम पूरा हो चुका है। महारानी बाग अंडरपास का काम पूरा होने वाला है। बाबा खड़ग सिंह रोड पर स्माग टावर लगाया गया है। विंटर एक्शन प्लान में धूल नियंत्रण, खुले में आग जलाने से रोकने आदि पर नियंत्रण किया गया है। सौ प्रमुख चौराहों पर रेड लाइट आन, गाड़ी आफ जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है। आइआइटी कानपुर के साथ मिलकर वायु प्रदूषण के प्रमुख स्त्रोतों की पहचान का काम भी चल रहा है।