अहमदाबाद के 82% लोगों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद जीवन बीमा को अधिक महत्व मिला है: जीवन बीमा परिषद सर्वेक्षण


जीवन बीमा परिषद सर्वेक्षण। Life Insurance Council Survey

जीवन बीमा परिषद (लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल) ने जीवन बीमा के प्रति भारतीय दर्शकों की धारणा को समझने के लिए हाल ही में 40 शहरों में बारह हजार से अधिक लोग के साथ एक सर्वेक्षण किया। यह सर्वेक्षण नए जन जागरूकता अभियान ‘सबसे पहले जीवन बीमा की तर्ज पर किया गया।

नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। जीवन बीमा परिषद (लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल) ने जीवन बीमा के प्रति भारतीय दर्शकों की धारणा को समझने के लिए हाल ही में 40 शहरों में बारह हजार से अधिक लोग के साथ एक सर्वेक्षण किया। इन्होंने यह सर्वेक्षण अपने नए जन जागरूकता अभियान ‘सबसे पहले जीवन बीमा' की तर्ज पर किया था, जो जीवन बीमा को परिवार के धन अर्जित करने वाले सदस्यों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इस अभियान को देश की 24 भारतीय जीवन बीमा कंपनियों के सहयोग से शुरू किया गया, जो देश में जीवन बीमा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सामान्य लक्ष्य की दिशा में काम कर रही हैं, जो कि दुनिया में सबसे कम बीमित आबादी में से एक है। 

परिवार के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में करे मदद

इस सर्वेक्षण ने जीवन बीमा से संबंधित कई तथ्यों को स्पष्ट किया है। इससे यह पता चला कि संपूर्ण भारत में सभी आयु वर्ग के लोग जीवन बीमा को एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन मानते हैं। कुल उत्तरदाताओं में से 70% जीवन बीमा खरीदने के इच्छुक थे। लोगों के अनुसार जीवन बीमा एक अप्रत्याशित घटना में सुरक्षा प्रदान करता है और साथ ही भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा और परिवार के सामूहिक वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है। इसलिए ये लोग जीवन बीमा को खरीदना आवश्यक मानते हैं। हालाँकि, अभी भी लोगों में जीवन बीमा खरीदने और इसके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने की काफी जरूरत है।

कोविड-19 महामारी में जीवन बीमा का चयन

1. कोविड-19 महामारी के कारण, जीवन बीमा का चयन करने वाले लोगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जीवन बीमा परिषद के सर्वेक्षण के मुताबिक अहमदाबाद के 82% लोगों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद जीवन बीमा को अधिक महत्व मिला है।

2. 91% लोग जीवन बीमा को एक आवश्यकता मानते हैं, फिर भी केवल 70% ही इसमें निवेश करने को तैयार हैं। 61% लोगों का मानना है कि जीवन बीमा उनके बच्चों की शिक्षा और विवाह में मदद करेगा।

3. पश्चिमी बाजार के निष्कर्षों पर प्रकाश डालें, तो पाएँगे कि युवा वयस्क और सहस्राब्दी का एक बड़ा समूह न केवल जीवन बीमा को लेकर अवगत था, बल्कि इसमें निवेश करने के लिए इच्छुक भी था। उनमें धन निवेश करने की मानसिकता पहले से ही प्रखर थी, क्योंकि पश्चिम में 45% उत्तरदाता इक्विटी और शेयर के बारे में जानते हैंं। यह आँकड़ा सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक है।

4. पश्चिमी बाजार ने जीवन बीमा के प्रति भी अपेक्षाकृत उच्च स्वामित्व दिखाया है। पश्चिम में अहमदाबाद, मुंबई, पुणे आदि शहरों में उच्च स्वामित्व उन 92% लोगों की वजह से है, जो मानते हैं कि जीवन बीमा उनके लिए एक आवश्यकता है।

5. देशभर में औसतन 76% की तुलना में मित्रों और परिवार को जीवन बीमा की सिफारिश करने के लिए 80% लोगों की इच्छा में भी परिलक्षित होता है। सिफारिशें किसी भी निवेश के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेष रूप से जीवन बीमा के रूप में लंबी अवधि के लिए।

जीवन बीमा पर क्या कहते हैं आंकडे

1. म्यूचुअल फंड (63%) या इक्विटी शेयर (39%) की तुलना में अन्य सभी वित्तीय साधनों में लाइफ इंश्योरेंस के पास लगभग 96% के साथ सार्वभौमिक जागरूकता स्तर है।

2. एक वित्तीय साधन के रूप में जीवन बीमा का महत्व बड़े पैमाने पर सभी आयु समूहों और पुरुष तथा महिलाओं दोनों में समान रहा। युवाओं की तुलना में 36 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अधिकतर लोग के पास जीवन बीमा है।

3. आधे उत्तरदाता बीमा एजेंट से जीवन बीमा खरीदना पसंद करते हैं, जबकि 10 में से तीन बैंक का चयन करते हैं।

4. युवा दर्शक जीवन बीमा पॉलिसियों को ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से खरीदना पसंद करते हैं, जो उन्हें कई पेशकशों, लाभों और प्रीमियमों की तुलना करने में सक्षम बनाता है।

5. कुल उत्तरदाताओं में से लगभग आधे (47%) ने दावा किया कि उनके या उनके परिवार में किसी न किसी के पास जीवन बीमा है और इसके बारे में भरपूर जानकारी रखते हैं।

6. लगभग 3/4 उत्तरदाताओं ने जीवन बीमा को बचत बैंक खाते के बाद शीर्ष तीन सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय साधनों में स्थान दिया।

सर्वेक्षण का मकसद

यह महत्वपूर्ण है कि लोग अपने और अपने परिवार के सुरक्षित, बेहतर भविष्य के लिए जीवन बीमा को सही दृष्टि से देखें। इस सर्वेक्षण को जीवन बीमा के बारे में धारणा, जागरूकता और परिचितता को समझने के उद्देश्य से भारतीय दर्शकों के बीच किया गया था। इसके जरिए जीवन बीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। यह परिवार में धन अर्जित करने वाले सदस्य को इस बात के लिए प्रोत्साहित करता है कि परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जीवन बीमा जरूरी है। इस सर्वेक्षण के साथ जीवन बीमा परिषद और इसके ‘सबसे पहले जीवन बीमा' अभियान का उद्देश्य न केवल लोगों को जीवन बीमा के महत्व के बारे में शिक्षित करना है, बल्कि उन कदाचारों को भी मिटाना है, जो लोगों को श्रेणी और उत्पादों के बारे में गुमराह करते हैंं।

यह सर्वेक्षण हंसा रिसर्च के साथ साझेदारी में कमीशन की गई थी। नमूने के लिए इसमें 25-55 वर्ष की आयु के बीच के लोग शामिल थे। इसके अलावा शहरों को 8 मेट्रो शहरों, 9 टियर वन शहरों और 23 टियर टू शहरों में बांटा गया था। साथ ही अध्ययन में 12000 से अधिक उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण किया गया था।