शत-प्रतिशत पहली डोज के लक्ष्य की ओर बढ़े कदम, 97 फीसद से अधिक वयस्क आबादी को लगी कोविड रोधी वैक्‍सीन की पहली खुराक

 

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्‍सीन एक बड़ा हथियार साबित हुई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि देश शत-प्रतिशत पहली डोज के लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। देश में 97 फीसद से अधिक वयस्क जनसंख्या को कोविड रोधी टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है।

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्‍सीन एक बड़ा हथियार साबित हुई है। नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य डा. वीके पाल ने कहा कि यह बिल्‍कुल साफ हो गया है कि वैक्‍सीन और व्यापक टीकाकरण ने लोगों की जान बचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड रोधी टीकों ने देश को कोविड मामलों की संख्या में वृद्धि से बचाया है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि देश शत-प्रतिशत पहली डोज के लक्ष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। देश में 97 फीसद से अधिक वयस्क जनसंख्या को कोविड रोधी टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है।  

वहीं ICMR के महानिदेशक डा. बलराम भार्गव ने कहा कि मृत्यु दर की रोकथाम में टीकाकरण की प्रभावशीलता को मापा गया है। वैक्सीन की पहली डोज़ 98.9 फीसद प्रभावशीलता के लिए ज़िम्मेदार है जबकि दोनों डोज 99.3 फीसद प्रभावी है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक 18 साल और उससे अधिक आयु वर्ग में 90.96 करोड़ लोगों यानी 97 फीसद को कोविड रोधी वैक्‍सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। जबकि 76.66 करोड़ यानी 82% फीसद ने दूसरी डोज ले ली है। 

मंत्रालय के मुताबिक 2.03 करोड़ एहतियाती डोज जबकि 15 से 18 साल की उम्र वर्ग के 5.50 करोड़ यानी 74 फीसद को पहली जबकि 2.87 करोड़ यानी 39 फीसद को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। राष्ट्रव्यापी कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत अब तक देश में 178.02 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।श में कोरोना संक्रमण की स्थिति दिन प्रति दिन बेहतर होती जा रही है। 24 घंटों में जहां संक्रमण के साढ़े छह हजार मामले आए वहीं सक्रिय मामले घटकर 77 हजार के करीब पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,29,45,160 हो गई। एक दिन में 6,561 और लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि सक्रिय मामले घटकर 77,152 रह गए।सुबह 8 बजे अपडेट आंकड़ों में कहा गया कि 142 और लोगों की बीमारी से मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,14,388 हो गई।