महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ मंडी हाउस से गुरुग्राम तक निकाली कार रैली

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उद्यमी संगठन फिक्की की महिला विंग द्वारा वीमेन पावर ड्राइव का किया आयोजन।

रैली में शामिल हुई रिया ने बताया कि वह बीते चार वर्षों से स्पोर्ट्स कार चला रही हैं। शुरू में थोड़ी मुश्किल हुई लेकिन बाद में सब आसान लगने लगा। पहले वह आम चालक की तरह कार चलाती थी पर अब वह पेशेवर तरीके से इससे जुड़ गई हैं।

नई दिल्ली,  संवाददाता। मंडी हाउस में कार रैली में शामिल होने के लिए सुबह से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। इस अवसर पर महिलाओं में उत्साह देखते ही बन रहा था। रैली में दिव्यांग, उद्यमी, पेशेवर कार चालक के साथ अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुई। महंगी गाड़ियों की रैली को देख हर कोई उन्हें देखते ही जा रहा था। आस-पास से गुजरने वाले लोग भी महिलाओं को प्रेरित कर रहे थे। ऐसे में बड़ी-बड़ी गाड़ियों की स्टीयरिंग को थामते ही महिलाएं उत्साहित दिखीं।

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महिलाएं घर व उद्यम संभालने के साथ स्पोर्ट्स कार भी अच्छी तरह चला सकती हैं, इस संदेश के साथ महिलाएं कार में आगे बढ़ती नजर आई। रैली में शामिल होने आई प्रतिभागी एक-दूसरे व गाड़ियों के साथ सेल्फी ले रही थी। इसमें गाड़ियों को विशेष नंबर दिया गया था। जब गाड़ियां सड़कों पर दौड़ी तो लोग महिलाओं के इस सशक्त कदम और जज्बे को सलाम करते नजर आए।

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्पोर्ट कार रैली का आयोजन किया। इसमें 50 से अधिक महिला उद्यमी शामिल हुईं। रैली मंडी हाउस से गुरुग्राम तक निकाली गई, जिसमें रैली मंडी हाउस के तानसेन मार्ग से चिड़ियाघर होते हुए, सिकंदर रोड से सुल्तानपुर मेट्रो पर समाप्त हुई।

फेडरेशन आफ इंडिया चैंबर आफ कामर्स इंडस्ट्री (फिक्की) के यंग फिक्की लेडीज आर्गेनाइजेशन (वाएएफएलओ) व जेके टायर के बैनर तले वीमेन पावर ड्राइव का आयोजन किया गया। रैली में शामिल सभी महिलाएं उत्साहित दिखीं।

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रैली को हरी झंड़ी दिखाते हुए द्वियांग उद्यमी सौम्य ने कहा कि महिलाएं हर काम कर सकती हैं। जो लोग कहते हैं कि महिलाओं को कार चलाने से बचना चाहिए, उन्हें समझना होगा कि महिलाएं घर चलाने के साथ कार भी चला सकती हैं। लोगों को अपने दिमाग इस बात हटाना होगा कि महिलाएं सुरक्षित तरीके से वाहन नहीं चला सकती। आज महिलाएं आम कार के साथ स्पोर्ट्स कार भी चला रही हैं।

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इस दौरान वाएएफएलओ की अध्यक्ष रिद्धिमा खन्ना ने कहा कि यह अच्छा अवसर है कि महिलाओं का रूझान स्पोर्ट कार की तरफ बढ़ रहा है। महिलाएं खासा इस ओर प्रभावित हो रही हैं। वह कहती हैं कि महिलाएं भी वे सब कार्य कर सकती हैं जो एक पुरूष कर सकता है। सड़क पर सभी चालक बराबर होते हैं।

रैली में शामिल हुई रिया ने बताया कि वह बीते चार वर्षों से स्पोर्ट्स कार चला रही हैं। शुरू में थोड़ी मुश्किल हुई, लेकिन बाद में सब आसान लगने लगा। पहले वह आम चालक की तरह कार चलाती थी पर अब वह पेशेवर तरीके से इससे जुड़ गई हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ कई बार कार से लंबी यात्रा पर भी जाती हैं। वह महिलाओं से अपील करती हुई कहती हैं कि अब समय बदल रहा है। महिलाओं को घर की चार दीवारी से बाहर निकलना चाहिए।