मध्य प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बोलीं- जहां शराबबंदी हुई, वहां लोगों को दुर्गति हो गई

 

प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर

अध्यात्म इसमें बड़ा सहारा हो सकता है। नशे से दूर हो जाएं और उन्हें अध्यात्मिक की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित कराना होगा। इसी को लेकर उन्होंने कहा कि आगामी समय में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए भाजपा इसको लेकर रणनीति तैयार कर रही है।

ग्वालियर । मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती लगातार शराबबंदी की मांग कर रही हैं। इसकी शुरुआत भी वह एक शराब दुकान पर पत्थर फेंककर कर चुकी हैं। इसी बीच प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर का कुछ अलग ही बयान सामने आया है। जिसमें मंत्री उषा ठाकुर कह रही हैं कि जिन राज्यों में शराबबंदी हुई है, वहां तो लोगों की और अधिक दुर्गति हो गई है।

मालूम हो कि शराबबंदी को लेकर माहौल गर्माने लगा है। प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री ने भले ही अब शराबबंदी को लेकर आंदोलन शुरू किया है, लेकिन कई इलाकों में स्थानीय लोगों ने पहले से ही शराब बिक्री का विरोध शुरू कर दिया है। इसके पहले लक्ष्मणपुरा में भी स्थानीय निवासियों ने भी शराब दुकान का सड़कों पर उतरकर विरोध किया था। हाल ही में ग्वालियर में भी मुरार में शराब दुकान खोलने को लेकर स्थानीय महिलाओं ने खासा विरोध किया था।जानकारी हो कि मंत्री उषा ठाकुर ने यह बात बाल भवन में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि शराबबंदी होने पर शराब ब्लैक मार्केटिंग के जरिए पीने वालों तक पहुंच ही जाती है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति यदि शराब नहीं पीता है तो उसको कोई जबर्दस्ती नहीं पिला सकता है। ऐसे में हमें सबसे पहले लोगों के मन और मानस को बदलना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म इसमें बड़ा सहारा हो सकता है। नशे से दूर हो जाएं और उन्हें अध्यात्मिक की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित कराना होगा। इसी को लेकर पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी समय में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए भाजपा इसको लेकर रणनीति तैयार कर रही है। इस पर भी चिंतन शिविर में काफी चर्चा हुई है। भाजपा अपनी योजना और संगठन को लेकर तैयार है।