हाइकोर्ट में जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस की दलील, दंगें में शरजील इमाम ने विशेष धार्मिक वर्ग को उकसाया

 

Delhi Riots: उपद्रवियों ने कई वाहन जला दिए थे और पुलिस पर हमला किया था।

दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए जमानत याचिका का विरोध किया कि अगर शरजील इमाम को जमानत दी तो वह दोबारा इस तरह के अन्य अपराध में दोबारा शामिल हो सकता है। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की साजिश रचने में भी शरजील इमाम आरोपित है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली दंगा मामले में आरोपित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि शरजील इमाम ने अपने भाषणों के जरिये असम में नरसंहार के बारे में झूठ फैलाया और मध्य भारत से देश के पूवरेत्तर क्षेत्र तक पहुंच को बाधित करने के लिए एक विशेष धार्मिक वर्ग को उकसाया था।

दिल्ली पुलिस ने दलील दी कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शरजील इमाम को जमानत न दी जाए, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो आरोपित कानून की प्रक्रिया से बच सकता है और गवाहों को धमकी भी दे सकता है।

दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए जमानत याचिका का विरोध किया कि अगर शरजील इमाम को जमानत दे दी गई तो वह दोबारा इस तरह के अन्य अपराध में दोबारा शामिल हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार शरजील इमाम ने सीएए-एनआरसी के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान 13 दिसंबर, 2019 को भड़काऊ भाषण दिया था। उसके दो दिन बाद 15 दिसंबर, 2019 को जामिया नगर में हिंसा भड़क गई थी। उपद्रवियों ने कई वाहन जला दिए थे और पुलिस पर हमला किया था। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की साजिश रचने में भी शरजील इमाम आरोपित है।