गर्मी के तेवर बढ़ते ही सजने लगे मिट्टी के बर्तनों के बाजार, मिट्टी के इन उत्पादों की भरमार

 

मटका 70 से 100 रुपये तक का बिक रहा है।

काफी लोग फ्रिज का पानी पीने से परहेज करते हैं वो मटका का पानी पसंद करते हैं।चांदनी चौक से खरीदारी करने आए रमेश ने कहा कि मटके में रखा पानी ठंडा रहता है और व स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा रहता है।

नई दिल्ली, संवाददाता। राजधानी में गर्मी बढ़ती हुई गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैँ। ऐसे में तापमान बढ़ने के साथ ही मिट्टी के बर्तनों के बाजार सजने लगे हैं। मध्य और पुरानी दिल्ली के बाजारों में जगह-जगह मिट्टी के बर्तन बिक रहे हैं। मटके से लेकर मिट्टी के जग खरीदने के लिए लोग बाजारों की ओर रुख करने लगे हैं।गर्मी में ठंडा पानी पीने के लिए मटका सबसे सस्ता और हर जगह उपलब्ध रहने वाला साधन है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे मटकों की मांग भी बढ़ रही है। गर्मी को देखते हुए बड़े पैमाने पर दिल्ली देहात के इलाकों में मटके तैयार किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही मिट्टी से बनी पानी की बोतल, केंपर व अन्य उत्पादों की बिक्री देखी जा रही है।दरियागंज के दुकानदार ने बताया कि युवा मिट्टी की बोतल को काफी अधिक पसंद कर रहे हैं। मिट्टी की पानी की बोतल की कीमत 150 रुपये से शुरू है। उन्होंने कहा कि मटका 70 से 100 रुपये तक का बिक रहा है।

वहीं, मिट़्टी के आकर्षक केंपर भी तैयार इस बार बाजार में आए हैं।इनकी कीमत 300 से 400 रुपये से शुरू है। दुकानदारों का कहना है कि इस साल पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक कीमत बढ़ गई है।दरियागंज के दुकानदार कमलेश ने बताया कि गर्मी के मौसम में मटकों की मांग बढ़ जाती है।कोरोना के बाद पिछले दो सालों में इस बार लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं और मटके खरीदने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मटके का पानी पीने के शौकीन लोग ही मटके की खरीदी करते हैं।

दुकानदारों ने कहा कि अभी तो गर्मी की शुरुआत है आगे गर्मियों में मटकों की मांग बहुत और बढ़ेगी।उनका कहना है कि तकनीकी दौर में मटके और मिट्टी के बर्तन बेचना मुश्किल हो रहा है, लेकिन कुछ लोग इस ओर लौट रहे हैं और हमारे मिट्टी के बर्तनों को पसंद कर रहे हैं। काफी लोग फ्रिज का पानी पीने से परहेज करते हैं वो मटका का पानी पसंद करते हैं।चांदनी चौक से खरीदारी करने आए रमेश ने कहा कि मटके में रखा पानी ठंडा रहता है और व स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा रहता है।

इसके पानी से ही प्यास बुझती है। फ्रिज का पानी प्यास नहीं बुझ पाती।बाक्समिट्टी से बने उत्पाद भी लोगों रहे हैं लुभा बाजारों में इन दिनों मिट्टी के गिलास, बोतल, सुराही, दही जमाने के लिए बर्तन भी लोगों को लुभा रहे हैं।इसे के साथ ही सजावट की विभिन्न वस्तुएं भी इन दुकानों पर उपलब्ध हैं। इनमें गमले, झालर, दीपक, गुल्लक, मूर्तियां, प्याले आदि शामिल हैं।दुकानदारों ने बताया कि इन मिट्टी के बर्तनों को घर में सजावट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।