पेपर लीक कराने वाले गैंग के तीन शातिर अपराधी चढ़े एसटीएफ ने हत्थे, तीन दिन की रिमांड पर

 

एसटीएफ ने पेपर लीक कराने वाले गैंग के तीन शातिर दबोचे

एसटीएफ के प्रभारी ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में टीम ने सुशील सतीश और अमित को गिरफ्तार किया है। तीनों को छह अक्टूबर 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद कुमार के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है।

सोनीपत,  संवाददाता। पेपर साल्वर गैंग के तीन और आरोपितों को एसटीएफ सोनीपत ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित रोहतक के गांव आसन का सुशील उर्फ छोटा, सोनीपत के मुंडलाना का सतीश कुमार और अमित कुमार है। अमित कुमार गोहाना डाकघर में डाकिया के पद पर नियुक्त है। एसटीएफ ने तीनों आरोपितों को तीन दिन के रिमांड पर लिया है। सुशील और सतीश ने एसटीएफ को बताया कि उनकी अपनी कंप्यूटर लैब हैं। इनके अलावा अन्य लैब में भी उनकी साझेदारी सामने आई है।

एसटीएफ के प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में टीम ने सुशील, सतीश और अमित को गिरफ्तार किया है। तीनों को छह अक्टूबर, 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद कुमार के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है। पेपर लीक मामले में दर्ज मुकदमे की जांच में सरकारी नौकरियों के करीब 14 पेपर साल्व करने का मामला सामने आ चुका है। इस मामले के आरोपित हैकिंग साफ्टवेयर का प्रयोग कर नौकरी लगवाने का भरोसा देकर लोगों से रुपये लेते हैं। यह गिरोह वर्ष 2013 से चल रहा है। इसका सरगना दिल्ली पुलिस का सिपाही रोबिन और रूस के हैकरों से मिलकर पूरी लैब को हैक करने का आरोपित पलवल के गांव अतरचटा के राज सिंह उर्फ राज तेवतिया को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में अब तक 29 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इनमें पेपर साल्वर गैंग के साथ मिलकर नौकरी पाने वाले पांच आरोपित भी शामिल हैं। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि आरोपित कोचिंग सेंटर संचालकों से मिलकर अभ्यर्थियों का पता लगाते थे। पेपर पास कराने के नाम पर उनसे सौदा किया जाता था। नौकरी और वेतन के अनुसार तीन लाख से 15 लाख रुपये वसूले जाते थे। 

एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि एसटीएफ ने इस मामले में अब सुशील, सतीश और अमित को गिरफ्तार किया गया है। तीनों से पूछताछ में सामने आया है कि अमित डाक विभाग में गोहाना में डाकिया के पद पर कार्यरत है। वहीं दो अन्य की अपनी लैब हैं और 22 अन्य लैब में इनकी हिस्सेदारी है। तीनों को तीन दिन के रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ शुरू कर दी गई है।