अब दो दिन बाद होगी इमरान खान के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा, जल्‍द चुनाव कराए जाने की संभावना बरकरार

 

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में होगी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा (एएफपी फोटो)

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पीएम इमरान खान के खिलाफ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर अब 28 मार्च को बहस होगी। नेशनल असेंबली के एक सांसद के निधन की वजह से इस प्रस्‍ताव पर चर्चा को टाला गया है।

इस्‍लामाबाद (एएनआई)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नेशनल असेंबली में लाए विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा को टाल दिया गया है। अब इस पर चर्चा 28 मार्च को होगी। नेशनल असेंबली के सांसद के निधन के चलते ऐसा किया गया है। हालांकि इस बात का अंदेशा पहले से ही जताया जा रहा था। इस लिहाज से प्रधानमंत्री इमरान खान को कुछ समय और मिल गया है। इस बीच पाकिस्‍तान के मंत्री फव्‍वाद चौधरी ने कहा है कि देश में जल्‍द चुनाव करवाए जा सकते हैं।

हालांकि फव्‍वाद चौधरी ने पहले इस आंशका को दरकिनार किया था कि संसद की कार्यवाही को आज टाला जा सकता है। फव्‍वाद ने ही देश में जल्‍द आम चुनाव की संभावना जताई है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा था कि देश में जल्‍द आम चुनाव करवाए जा सकते हैं। उनके मुताबिक विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं है। वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष का कहना था कि वो किसी भी तरह की स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार है।   

गौरतलब है कि विपक्ष ने इमरान खान के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा के लिए आठ मार्च को अपना सबमिशन दिया था। नेशनल असेंबली की 342 सीटें हैं। इमरान खान को इस अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर जीत के लिए 172 सदस्‍यों के समर्थन की जरूरत है। हालांकि, इमरान खान का आरोप है कि विपक्ष उन्‍हें सत्‍ता से हटाने के लिए सांसदों की खरीद फरोख्‍त कर रहा है।

बता दें कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक ए इंसाफ के कई सदस्‍य भी इस वक्‍त इमरान खान से खफा हैं और विपक्ष के सुर में सुर मिला रहे हैं। इन सांसदों ने खुलेआम विपक्ष का हाथ मजबूत करने के लिए अविश्‍वास प्रस्‍ताव के समर्थन में वोट देने की अपील की है। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने गुरुवार को कहा कि इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही के दौरान सदस्यों द्वारा डाले गए वोटों की गिनती नहीं करना अवमानना होगा। वहीं दूसरी तरफ समूचा विपक्ष इस अविश्‍वास प्रस्‍ताव को लेकर काफी संतुष्‍ट है। उनको पूरी उम्‍मीद है कि वो प्रधानमंत्री इमरान खान को कुर्सी से हटाने में हर हाल में सफल हो जाएगा।