दिल्ली में अवैध पोस्टर व होर्डिग्स हटाने का काम शुरू, दोबारा लगाने पर होगा केस दर्ज

 

MCD Election 2022: प्रचार अभियान तो कम कर दिया है, लेकिन लोगों से मिलना जारी है।

MCD Election 2022 पिछले दिनों ही वार्ड की रोटेशन बदली थी। बताया जा रहा है कि निगम के एकीकरण के बाद फिर से रोटेशन होगा तो यह सीट किस श्रेणी में आएगी इसका पता नहीं है। जिसको देखते हुए प्रचार रोक दिया है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। निगम चुनाव के चलते राजधानी में राजनीतिक दलों के पोस्टर और होर्डिग्स को युद्ध स्तर पर हटाए जाएंगे। इसके लिए सभी जोन के उपायुक्त से लेकर सहायक आयुक्तों को इस कार्रवाई करनी होगी। हटने के बाद दोबारा पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

साफ की जाएंगी शहर में दीवारें : स्थायी समिति के अध्यक्ष लेंफ्टिनेंट कर्नल (रि.) बीके ओबराय ने कहा कि वह दिल्ली की दीवारों को गंदा नहीं देखना चाहते हैं। चुनाव के माहौल को देखते हुए क्षेत्रीय नेताओं ने बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए हैं, जिससे शहर की दीवारें गंदी हो गई हैं। इसे अब साफ करने की आवश्यकता है। दरअसल, स्थायी समिति की बैठक में कई सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया। भाजपा के पार्षद सुरेश गुप्ता ने कहा कि क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के नेताओं के इतनी बड़ी संख्या में पोस्टर लगे हैं। गुप्ता ने कहा कि केबल की तारों से लेकर घरों की दीवारों और सरकारी इमारतों की दीवारों पर बड़ी संख्या में पोस्टर लग रहे हैं।

  • नियमों के खिलाफ लगे इन पोस्टरों को तत्काल हटाया जाना चाहिए। इसके बाद स्थायी समिति अध्यक्ष ने सभी जोन के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि किसी भी तरह से अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर न रहे। अगले दो तीन दिन में सभी राजनीतिक दलों के पोस्टर को हटाए। जोनल स्तर पर इसके लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाए। बीके ओबेराय ’

भाजपा के एक नेता ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में प्रचार करने के लिए पार्टी के कोई निर्देश नहीं दिए हैं। कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में हम भी अपने वार्ड के लिए दावेदारी कर रहे हैं। पिछले दिनों ही वार्ड की रोटेशन बदली थी। बताया जा रहा है कि निगम के एकीकरण के बाद फिर से रोटेशन होगा तो यह सीट किस श्रेणी में आएगी इसका पता नहीं है। जिसको देखते हुए प्रचार रोक दिया है।

अब स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी काम करेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के एक पार्षद ने कहा कि वह जिस वार्ड से चुनाव लड़ना चाहते हैं, वहां पर बीते एक माह में उन्होंने दो बार पदयात्रा को पूरा किया है। साथ ही डोर टू डोर कैंपेन का भी एक चरण पूरा हो गया है, लेकिन बुधवार को आचार संहिता लागू होने से पहले तीनों निगमों को एक करने की बात जैसे ही सामने आई है, उससे कार्यकर्ताओं में भी संशय हो गया है। फिलहाल प्रचार अभियान तो कम कर दिया है, लेकिन लोगों से मिलना जारी है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने कहा कि उन्होंने चुनाव के मद्देनजर पूरे वार्ड में कार्यकर्ताओं की टीम बना ली थी। कार्यकर्ता पूरे उत्साह से चुनाव की तैयारी में लगे थे, लेकिन अब चुनाव दो माह बाद होंगे या छह माह बाद भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसलिए लोगों से मिलना तो जारी है, लेकिन प्रचार फिलहाल रोक दिया गया है। आगे की घोषणा का इंतजार है।