मतुआ समुदाय के धर्म मेले में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और जेपी नड्डा!

 

मतुआ समुदाय के धर्म मेले में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और जेपी नड्डा!

पीएम मोदी इस बार मतुआ के इस मेले को जिस तरह अहमियत दे रहे हैं ऐसा पहले नहीं हुआ है। मतुआ समुदाय के नेता व केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने किया दावा पीएमओ से मिली है जानकारी 29 को 4.30 बजे पीएम कर सकते हैं धर्म मेले को संबोधित।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में 29 मार्च को मतुआ समुदाय के गुरु हरिचंद ठाकुर के जन्मतिथि के अवसर पर आयोजित धर्म मेले में शामिल हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद तथा मतुआ महासंघ के प्रमुख शांतनु ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री से मेले में वर्चुअल संदेश देने का अनुरोध किया गया है। जेपी नड्डा वर्चुअली मेले में शामिल हो सकते हैं। मेले को लेकर प्रधानमंत्री पहले ही शुभकामनाएं भेज चुके हैं। पीएम मोदी इस बार मतुआ के इस मेले को जिस तरह अहमियत दे रहे हैं, ऐसा पहले नहीं हुआ है। शांतनु ठाकुर का फिलहाल प्रदेश भाजपा नेतृत्व के साथ सब कुछ ठीक नहीं हो चल रहा है। यदि पीएम खुद मतुआ संप्रदाय के मेले में वर्चुअल शामिल होते हैं, तो इससे शांतनु का महत्व और भी बढ़ जाएगा।केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही बधाई भेज चुके हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से यह भी जानकारी मिली है कि वे 29 मार्च को शाम 4.30 बजे मतुआ धर्म मेला को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर रेल मंत्री ने विशेष ट्रेन चलाने का निर्देश दिया है, ताकि लोग भारत के विभिन्न हिस्सों से यहां आ सके। मतुआ समुदाय और ठाकुर की जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के आयोजित किया जा रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था।

बताते चलें कि भाजपा के निष्कासित होने के बाद जयप्रकाश मजूमदार तृणमूल कांग्रेस में शामिल होते समय कहा था कि शांतनु अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। मतुआ अस्मिता के लिए वे लड़ रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस लड़ाई में शांतनु काफी आगे हैं। शांतनु ने 2019 का लोकसभा चुनाव संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए ) को लागू कराने के वादे के साथ जीता था। हालांकि सीएए अभी तक लागू नहीं हो सका है और मतुआ समुदाय के लाखों लोगों को अब तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। पिछले कुछ महीनों में शांतनु ठाकुर को एक से ज्यादा बार भाजपा के विक्षुब्धों से मिलते भी देखा गया है और वह खुद भी नाराज चल रहे थे। इस नाराजगी के बीच मतुआ धर्म मेले में केंद्र की पहल काफी महत्वपूर्ण है। शांतनु ठाकुर ने कहा कि इस मेले में असम, कर्नाटक और उत्तराखंड से लोग आएंगे। इसलिए रेलवे ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि असम और उत्तर पूर्व राज्यों में भी मतुआ समुदाय के काफी लोग रहते हैं।