लखीमपुर खीरी मामले पर अजय मिश्र टेनी ने कहा, विपक्ष के आरोप साबित हुए तो छोड़ दूंगा राजनीति

 

लोकसभा में विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने उठाया लखीमपुर खीरी का मामला

पिछले साल अक्टूबर में कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार किसान थे। इस मामले में मिश्र के बेटे आशीष को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

नई दिल्ली, प्रेट्र। कई महीनों तक विपक्ष के निशाने पर रहने के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी सोमवार को किसी मंच पर नजर आए। उन्होंने लोकसभा में आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक पेश किया। इस दौरान विपक्ष द्वारा लखीमपुर खीरी हिंसा का मामला उठाए जाने पर मिश्र ने कहा कि यदि मेरे खिलाफ आरोप साबित हुए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

विरोध प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों की हो गई थी मौत

दरअसल, केंद्रीय मंत्री जब विधेयक सदन में प्रस्तुत कर रहे थे तो विपक्षी सदस्यों ने लखीमपुर खीरी कांड में कथित रूप से अजय मिश्र के बेटे की भागीदारी का मामला उठाने का प्रयास किया। पिछले साल अक्टूबर में कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार किसान थे। इस मामले में मिश्र के बेटे आशीष को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

लोकसभा कार्यवाही के दौरान अंधीर रंजन चौधरी ने की टेनी पर टिप्पणियां

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जब मिश्र के खिलाफ कुछ टिप्पणियां कीं तो उन्होंने विपक्षी नेता को अपना आरोप साबित करने की चुनौती दे डाली। मंत्री ने कहा, मैं अधीर रंजन चौधरी से कहना चाहता हूं कि मैंने 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। अगर मेरे खिलाफ एक भी मुकदमा पाया जाएगा, यदि मैं एक मिनट के लिए भी जेल गया होऊंगा, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यह बन गया था बड़ा मुद्दा

उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद से अजय मिश्र लो प्रोफाइल बने हुए थे, क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बन गया था। विपक्षी नेता उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे।