दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र शुरू, शहीद भगत सिंह और लता मंगेशकर को किया गया याद

 

Delhi Budget 2022: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से, हंगामेदार रहने से आसार

Delhi Budget 2022 दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी सरकार आगामी दिनों में बजट 2022-23 पेश करेगी। इससे पहले बुधवार को 11 बजे उपराज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी। बजट सत्र के पहले ही दिन हंगामा होने के आसार हैं।

नई दिल्ली  surender Aggarwal। उपराज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ ही दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू गया। उपराज्यपाल के अभिभाषण के बाद आधे घंटे का ब्रेक खत्म होने के बाद सदन की कार्यवाही जारी है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि

 दी। वहीं नेता प्रतिपक्ष रामबीर सिंह बिधूड़ी ने शहीद सुखदेव और राजगुरु को भी याद करने का अनुरोध किया। बताया जा रहा है कि बजट सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी भाजपा विधायकों ने कई मुद्दों पर केजरीवाल सरकार को घेरने की योजना बनाई है, वहीं सत्ता पक्ष की भी नगर निगम के चुनाव टाले जाने के विरोध में सदन में चर्चा कर केंद्र पर निशाना साधे जाने की योजना है। बुधवार को सुबह 11 बजे सदन में उपराज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी। सत्र के पहले दिन की कार्य सूची के अनुसार उपराज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण की समाप्ति के आधे घंटे बाद सदन की बैठक शुरू होगी। कार्य मंत्रणा समिति की तीसरी रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रमों की समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

सूत्रों के अनूसार उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शनिवार यानी 26 मार्च को सदन में केजरीवाल सरकार का वार्षिक बजट पेश करेंगे। लगातार दो वर्षों से कोविड महामारी के चलते सरकार के राजस्व पर पड़े असर के बाद भी बजट में इस बार मुफ्त योजनाएं जारी रहेंगी। इस बजट में आर्थिक सुधारों के साथ राजस्व बढ़ाने पर सरकार का जोर रहेगा। अरविंद केजरीवाल सरकार का यह आठवां बजट होगा। सरकार हर बार बजट बनाने में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करती है। इस बार सरकार ने इसे स्वराज बजट बताते हुए जनता से सुझाव मांगे थे।

सरकार उन सुझावों को इस बजट में शामिल करेगी। इसमे आर्थिक सुधार, रोजगार, ई-वाहनों को बढ़ावा देना शामिल है। पिछली बार सरकार ने देशभक्ति बजट पेश किया था, जिसमें आजादी के 75वें साल का जश्न, तिरंगा लगाना और देशभक्ति पाठ्यक्रम शामिल था। जो भी घोषणाएं कोविड के चलते पूरी नहीं हो पाई हैं, उन्हें इस बार बजट में जगह मिलेगी। बीते साल सरकार ने 69 हजार करोड़ का बजट पेश किया था। इस बार इसके 10 प्रतिशत तक बढ़ जाने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि पूर्व के सालों में भी लगातार बजट बढ़ता रहा है। सरकार के मुताबिक इस बार भी पुरानी जनहित से जुड़ी योजनाओं को जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य इस बार भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल रहने की उम्मीद है।