यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों से कोटा में मिले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

 

राजस्थान के कोटा में यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों से मिले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला। फोटो एएनआइ।

Rajasthan लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूक्रेन में फंसे छात्र के परिवार के सदस्यों से राजस्थान के कोटा में मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जितने भी यूक्रेन में पढ़ने वाले बच्चे थे उन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। सरकार गंभीरता के साथ इस काम में लगी है।

कोटा, एएनआइ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूक्रेन में फंसे छात्र के परिवार के सदस्यों से वीरवार को राजस्थान के कोटा में मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जितने भी यूक्रेन में पढ़ने वाले बच्चे थे, उन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। सरकार गंभीरता के साथ इस काम में लगी है। गौरतलब है कि यूक्रेन संकट के को लेकर बुधवार को राजस्थान विधानसभा में चर्चा हुई। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष एकजुट दिखा। दोनों पक्षों ने यूक्रेन से राजस्थान के छात्रों व अन्य लोगों को निकालने के काम में राज्य और केंद्र सरकार के काम की तारीफ की गई। विधानसभा में उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने बताया कि यूक्रेन में राजस्थान के 1008 छात्र और नागरिक फंसे हुए थे, इनमें से अब तक 207 को वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार यूक्रेन में फंसे छात्रों को घर तक पहुंचाने का पूरा खर्चा वहन करेगी।

यूक्रेन से लौटे राजस्थान के छात्रों को आर्थिक पैकेज की मांग

राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहां फंसे छात्रों को निकालने के लिए प्रवासी राजस्थानी भी सहयोग कर रहे हैं। रावत ने कहा कि छात्रों को लाने में वीजा ट्रांजिट प्रक्रिया में समय लग रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। विदेश मंत्रालय को वहां सम्पर्क कर के छात्रों को जल्द निकालने के लिए अधिक सक्रियता से काम करना चाहिए। विपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जो छात्र यूक्रेन से आए हैं वह वापस पढ़ाई के लिए वहां नहीं जा सकेंगें, इनकी लाखों रुपये में फीस में लग गए हैं। सरकार को चाहिए कि यूक्रेन से लौटे मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए कालेजों में अलग से सीटें आवंटित करें। सरकार उन्हें आर्थिक पैकेज भी दे। जयपुर से मांनिटरिंग करने की जगह एक मंत्रियों का समूह बनाकर दिल्ली भेजना चाहिए और वहां बच्चों को वापस लाने पर भारत सरकार से समन्वय करे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डा. सीपी जोशी ने कहा कि पूरा इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार दोनों चिंतित है। सदन की भावना से केंद्र सरकार को अवगत करवाया जाएगा।