ग्वालियर में स्वच्छ भारत और डिजिटल इंडिया का संगम कराएगा कमाई

 

लोगों के घरों से निकला कचरा अलग-अलग उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों के लिए कच्चे माल का कार्य करता है।

लोगों के घरों से निकलने वाले गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। वर्तमान में जैविक खाद बनाने वाली कई कंपनियां हैं लेकिन उन्हें कच्चा माल नहीं मिल पाता है जबकि घरों से प्रतिदिन कई टन सब्जी व फलों के छिलके व बचा हुआ भोजन आदि निकलता है।

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और डिजिटल इंडिया के बीच ग्वालियर का एक युवा बेहतरीन समन्वय स्थापित कर रहा है। शहर में बिखरे पड़े कचरे की समस्या से निजात दिलाने के साथ ही शुभम खंडेलवाल का स्टार्टअप शहरवासियों को कचरा बेचने पर कमाई भी कराएगा। सफाई, कमाई और तकनीक का बेहतरीन संगम मध्य प्रदेश में इंदौर के बाद ग्वालियर को भी स्वच्छता का प्रतीक शहर बना सकता है। इस परियोजना को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) अहमदाबाद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय हैकाथान प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान मिला था।jagran

शुभम के विचार के अनुसार, वह लोगों के घरों से अलग-अलग किया हुआ कचरा खरीदेंगे। इसके लिए लोगों को पहले ही बता दिया जाएगा कि किस डिब्बे में कौन सा कचरा रखना है। स्टार्टअप की तरफ से सफाई मित्र लोगों के घर जाएगा और कचरा एकत्रित कर ले जाएगा। इसके बदले गृहस्वामी को पैसे दिए जाएंगे जो कि रिवार्ड प्वाइंट के रूप में होंगे। इन प्वाइंट से लोग बिजली, नल, मोबाइल, केबल सहित विभिन्न सेवाओं के बिल का भुगतान कर सकेंगे। कंपनी द्वारा इस कचरे को विभिन्न उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को बेचा जाएगा। लोगों के घरों से निकला कचरा अलग-अलग उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों के लिए कच्चे माल का कार्य करता है।

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शुभम खंडेलवाल ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में रहते हैं, उनके घर के पास ही कचरा फेंका जाता है जिसे वह लंबे समय से देखते आए हैं। इस स्थान पर कई प्रकार का कचरा होता है, लेकिन एक साथ मिलने होने के कारण यह व्यर्थ चला जाता है। जबकि इनका उपयोग विभिन्न उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जा सकता है। यहीं से शुभम को यह स्टार्टअप शुरू करने का विचार आया। उन्होंने पांच साल पहले लोगों के अखबार और प्लास्टिक खरीदना शुरू किया। इसके साथ ही कचरे के ढेर में पड़े रहने वाले फ्लैक्स को एकत्रित कर उनके थैले बनाए और ठेलेवालों, दुकानदारों को दिए। इसमें उन्हें थोड़ा लाभ हुआ। इसके बाद उन्होंने कचरे में मिलने वाली सामग्री की जानकारी एकत्रित की तो पता चला कि कचरा अगर अलग-अलग फार्मेट में घरों से मिलने लगे तो बहुत बड़ा उद्योग बन सकता है। उन्होंने अपने युवा मित्रों को इस स्टार्टअप से जोड़ा और अपनी वेबसाइट तैयार की।

आनलाइन किया जाएगा कचरा संग्रहण

कचरे का संग्रहण आनलाइन किया जाएगा। लोगों के घरों पर कचरा एकत्रित होने के बाद वह आनलाइन इसकी जानकारी देंगे। कचरे का वजन भी बता सकेंगे और इसमें विकल्प होगा कि किस प्रकार का कचरा है यानी गीला, सूखा, बायोमेडिकल, अथवा कांच, लोहा, पेपर आदि है। स्टार्टअप का कर्मचारी लोगों के घरों से किलो के हिसाब से कचरा एकत्रित कर आनलाइन प्रविष्टि करेगा जिसके बाद वजन व कचरे की श्रेणी के हिसाब से संबंधित विक्रेता को रिवाडई प्वाइंट दिए जाएंगे। इन प्वाइंट को वह कैश करा सकता है।

यह होगा उपयोग

लोगों के घरों से निकलने वाले गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। वर्तमान में जैविक खाद बनाने वाली कई कंपनियां हैं लेकिन उन्हें कच्चा माल नहीं मिल पाता है, जबकि घरों से प्रतिदिन कई टन सब्जी व फलों के छिलके व बचा हुआ भोजन आदि निकलता है। इसी प्रकार सैलून पर कटिंग के बाद निकले बालों का उपयोग प्रोटीन आदि बनाने के लिए किया जाता है। फ्लेक्स, प्लास्टिक, कांच, लोहा, पेपर, कागज आदि का पुन: उपयोग किया जाता है। जैव कचरे यानी बायोमेडिकल बेस्ट को जलाकर ऊर्जा बनाई जा सकती है।

नगर निगम करेगा मिलकर कार्य

शुभम खंडेलवाल के इस विचार को स्मार्ट सिटी ग्वालियर ने स्टार्टअप के रूप में मंच दिया है। नगर निगम शुभम खंडेलवाल के साथ मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाएगा। इससे खुले स्थानों पर कचरा भी एकत्रित नहीं होगा और पूरे शहर के कचरे का निस्तारण हो सकेगा।

इस स्टार्टअप को स्मार्ट सिटी ग्वालियर कंपनी प्रोत्साहित कर रही है, जल्द ही इसका परिणाम शहर में दिखाई देने लगेगा। यह विचार काफी अच्छा है।

जयति सिंह, र्सीओस, स्मार्ट सिटी ग्वालियर

नगर निगम इस विचार पर मिलकर कार्य करेगा और पूरी मदद भी देगा। जरूरत पड़ी तो संसाधन भी देगा। परिणाम बेहतर आए तो पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा।

किशोर कान्याल

नगर निगम आयुक्त, ग्वालियर

आइआइएम अहमदाबाद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की हैकाथान प्रतियोगिता में मेरे विचार को देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस विचार से पूरे देश में कचरे को साफ किया जा सकता है। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।