हेमंत राज में सहियाओं को प्रोत्साहन राशि का इंतजार, धनबाद सिविल सर्जन को घेरा

 

धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना पर बैठीं सहिया ( फोटो जागरण)।

सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने के कारण काम बाधित हो रहा है। सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉ श्याम किशोर धरने पर बैठे लोगों के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्यालय से बातचीत हो रही है।

संवाददाता, धनबाद। स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में सहियाओं की अहम भूमिका होती है। झारखंड में पिछले तीन साल से सहियाओं के बीच प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इसके खिलाफ सहियाओं ने हेमंत सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। गुरुवार को धनबाद प्रखंड अंतर्गत कार्यरत सहियाओं ने प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया। अपनी मांगों के समर्थन में सिविल सर्जन कार्यालय के गेट के बाहर धरने पर बैठ गईं। सहियाओं के इस दौरान हेमंत सरकार, स्वास्थ्य विभाग और सिविल सर्जन के खिलाफ नारेबाजी की। सहिया रीता देवी ने बताया कि लगभग 3 वर्षों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इसके लिए तीन साल से धनबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चक्कर काटना पड़ रहा है। वहां के चिकित्सा प्रभारी सिविल सर्जन के यहां भेज रहे हैं। यहां के अधिकारियों और कर्मी दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज रहे हैं। ऐसे में कार्यालय का चक्कर लगाकर हम लोग परेशान हो गए हैं। धनबाद प्रखंड अंतर्गत 380 सहिया हैं।

सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन, धरने पर बैठीं रही सहिया

सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने के कारण काम बाधित हुआ। सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डा. श्याम किशोर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठीं सहियाओं को बताया कि इस बारे में मुख्यालय से बातचीत हो रही है। जहां भी कमियां है उसे दूर की जा रहे हैं। जल्द ही सभी के बीच प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित पदाधिकारी और कर्मी को भी निर्देशित किया गया है। सिविल सर्जन के आश्वासन के बावजूद सहिया धरने पर बैठी रहीं। उनका कहना था कि बार-बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।

सहियाओं के भरोसे स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाएं

सहियाओं का कहना है उनके भरोसे ही स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाएं चलती हैं। जननी शिशु सुरक्षा योजना, शिशु सुरक्षा योजना, गर्भवती महिलाओं की जांच, फाइलेरिया रोधी दवा खिलाना, कोरोना संक्रमण काल में घर-घर जाकर मरीजों की पहचान समेत कई काम का जिम्मा हम लोगों को दिया गया। लेकिन अब जब प्रोत्साहन राशि की मांग की जा रही है तो विभाग के अधिकारी पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं। सभी का कहना है कि राशि का भुगतान नहीं किया गया तो पूरे जिले में सभी लोग हड़ताल पर चले जाएंगे।